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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Farmers Protest: किसान-केंद्र की खींचतान से बढ़ी जनता की परेशानी, सरकारी कामकाज ठप; इन जगहों पर इंटरनेट अभी भी बंद

    Updated: Mon, 26 Feb 2024 03:52 PM (IST)

    Farmers Protest पंजाब में किसान और केंद्र की खींचतान से आम लोगों की दिक्‍कतें बढ़ गई है। कई जिलों में इंटरनेट बंद होने से लोगों के जरूरी कामकाज ठप पड़ ...और पढ़ें

    इंटरनेट बंदः सरकारी दफ्तर, सुविधा केंद्र व सांझ केंद्रों का कामकाज ठप (फाइल फोटो)
    इंटरनेट बंदः सरकारी दफ्तर, सुविधा केंद्र व सांझ केंद्रों का कामकाज ठप (फाइल फोटो)

    वरुण बांसल, सुनाम ऊधम सिंह वाला (संगरूर)। Farmers Protest: दिल्ली कूच मोर्चा के मद्देनजर सुनाम, मूनक, खनौरी इलाके में बंद की इंटरनेट सेवा को आज 16 दिन का समय हो गया है, जिस कारण न केवल दुकानदारों व कारोबारियों का कामकाज प्रभावित हो रहा है, बल्कि सुविधा केंद्र, सांझ केंद्र, स्कूलों का कामकाज भी ठप पड़ा हुआ है।

    लोग अपना कामकाज करवाने के लिए सरकारी दफ्तरों में जाते हैं, लेकिन इंटरनेट सेवा बंद होने के कारण इन केंद्रों में कोई काम नहीं हो रहा है व लोग मायूस होकर वापस लौट रहे हैं। सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई तो दूर, अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन जानकारी भी प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं। सुविधा व सांझ केंद्र से संबंधित रोजमर्रा के जरूरी काम भी लोगों के नहीं हो रहे।

    सुविधा केंद्र में काम हुआ बंद

    सुनाम के सुविधा केंद्र पर अपना कामकाज करवाने पहुंचे पंडित अजय अवस्थी ने कहा कि वह पिछले कई दिन से सुविधा केंद्र में अपना काम करवाने के लिए आ चुके हैं, लेकिन रोजाना इंटरनेट बंद होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता हैं। करीब दो सप्ताह का समय गुजर गया है।

    सुविधा केंद्र के मुलाजिम अवतार सिंह व तरनुम ने कहा कि सुविधा केंद्र पर दो इंटरनेट कनेक्शन लगे हुए हैं, लेकिन दोनों कनेक्शन ही बंद है। बिना इंटरनेट के सुविधा केंद्र का काम ठप हो जाता है। अब मैन्युअली दस्तावेज प्राप्त कर रहे हैं, लेकिन काम इंटरनेट सेवा आरंभ होने पर ही होगा।

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    बुजुर्ग रविंदर सिंह ने कहा कि उन्हें अपने बच्चे का जन्म सर्टिफिकेट अप्लाई करना था, लेकिन सुविधा केंद्र पर काम नहीं हो रहा। सर्टिफिकेट अप्लाई करने का समय पंद्रह दिन का ही होता है। किंतु यहां दो सप्ताह से कामकाज बंद है, जिससे रोजाना भारी गिनती में लोग खाली हाथ वापस लौटते हैं।

    थाने के सांझ केंद्र का भी काम बंद

    सुविधा केंद्र ही नहीं, बल्कि पुलिस थाने में मौजूद सांझ केंद्र का भी काम ठप है। पासपोर्ट की वैरिफिकेशन, पुलिस वैरिफिकेशन, करेक्टर सर्टिफिकेट, एफआईआर की कापी प्राप्त करने सहित अन्य कामकाज के लिए रोजाना लोग आते हैं, लेकिन काम नहीं हो पा रहा। वहीं किसान आंदोलन के कारण स्टाफ को खनौरी इलाके में तैनात कर दिया है, जिससे सांझ केंद्र भी बंद पड़ा हुआ है। इंटरनेट की सेवा चालू होने पर ही लोगों का कामकाज हो पाएगा।

    इंटरनेट चालू होने पर ही होगा काम

    थाना सिटी सुनाम की इंचार्ज एसएचओ सुखदीप सिंह ने कहा कि पिछले दो सप्ताह से इंटरनेट सेवा प्रभावित होने के कारण सांझ केंद्र का काम भी प्रभावित है। सांझ केंद्र का तकरीबन सारा काम इंटरनेट द्वारा ही होता है व इंटरनेट न होने से काम थोड़ा धीमी गति से चल रहा है।

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    किसान आंदोलन के चलते कुछ स्टाफ की बैरियर पर ड्यूटी लगी हुई है। परन्तु फिर भी दिन-रात एक करके काम को पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी का कोई जरूरी डॉक्यूमेंट है तो उसे पहल के आधार पर किया जा रहा है।

    इंटरनेट बंद होने से पढ़ाई भी प्रभावित

    मूनक के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र केश्व कुमार, अनुराग सिंगला, लखविंदर सिंह ने कहा कि उनके दसवीं व बारहवीं कक्षा की परीक्षा चल रही है। ऐसे में उन्हें ऑनलाइन लेक्चर सुनकर अपनी परीक्षा की तैयारी करने में काफी मदद मिलती है, लेकिन अब यह लेक्चर वह नहीं सुन पा रहे हैं।

    स्कूल द्वारा सभी विद्यार्थियों को लेक्चर के लिंक शेयर किए जाते हैं, लेकिन उनके इलाके में दो सप्ताह से इंटरनेट बंद होने कारण इन लेक्चर के अभाव से उनकी परीक्षा की तैयारी प्रभावित हो गई हैं, जिसका असर उनके परिणाम पर पड़ेगा।

    फर्द केंद्रों में भी पसरा सन्नाटा

    मूनक, सुनाम, खनौरी इलाके के फर्द केंद्रों से किसानों व आम लोगों को फर्द भी नहीं मिल पा रही है, क्योंकि ऑनलाइन तरीके से ही फर्द केंद्रों पर से फर्द प्राप्त की जाती है। मूनक के किसान हरमेश सिंह, करनैल सिंह, बरिंदर सिंह ने कहा कि इंटरनेट बंद होने से फर्द केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है।

    रोजाना किसान व आम लोग अपने जमीनी रिकॉर्ड लेने के लिए फर्द केंद्रों पर पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ता है। तुरंत इंटरनेट सेवाएं बहाल करनी चाहिए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।