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    संगरूर के गुरु रविदास नगर में दूषित पानी का कहर, लोग बीमार; प्रशासन पर उठा सवाल

    Updated: Tue, 17 Feb 2026 04:22 PM (GMT+05:30)

    संगरूर के गुरु रविदास नगर में वार्ड नंबर-22 के निवासी कई दिनों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। पुरानी और लीक होती पाइपलाइनों के कारण घरों में गंदा और ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. गुरु रविदास नगर में दूषित पानी की समस्या गंभीर।

    2. पुरानी पाइपलाइनों से गंदा पानी घरों में आ रहा।

    3. दूषित पानी पीने से लोग बीमार, स्थायी हल नहीं।

    जागरण संवाददाता, संगरूर। पंजाब सरकार द्वारा शुद्ध पेयजल उपलब्ध करवाने के बड़े-बड़े दावों के बीच जिला संगरूर के वार्ड नंबर-22 स्थित गुरु रविदास नगर के हालात इन दावों की पोल खोलते नजर आ रहे हैं। संगरूर के साथ लगते शहरों में करोड़ों रुपये जल सप्लाई योजनाओं पर खर्च किए जाने के बावजूद संगरूर के लोग पिछले कई दिनों से दूषित पानी पीने को मजबूर हैं।

    हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि गंदा व बदबूदार पानी घरों में सप्लाई हो रहा है, जिससे लोगों में बीमारियां फैलने लगी हैं। वार्ड पार्षद कभी डीसी के दरबार में तो कभी नगर कौंसिल दफ्तर में पानी की बोतलें लेकर घूम रहे हैं, ताकि लोगों को इस दूषित पानी की समस्या से निजात मिल सकें, लेकिन काम करने में अधिकारियों की सुस्ती का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है।

    गुरु रविदास नगर मोहल्ला निवासी हरदेव सिंह,जोगिंदर सिंह, राम सिंह, कुलविंदर सिंह का कहना है कि नलों से आने वाले पानी का रंग मटमैला है व उसमें से दुर्गंध आती है। पानी में गंदगी के कण साफ दिखाई देते हैं। मजबूरी में लोग इसी पानी को पीने के लिए मजबूर हैं, जबकि इस बदबूदार पानी को पीना तो दूर, घरों के कामकाज के लिए भी इस्तेमाल करने के लायक नहीं है।

    ऐसे हालातों के कारण ही लोग घरों में महंगी कीमतों के आरओ सिस्टम लगाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। पिछले कुछ दिनों में बच्चों व बुजुर्गों में पेट दर्द, उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें बढ़ी हैं। स्थानीय चिकित्सकों का भी मानना है कि दूषित पानी के सेवन से जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। लोगों का आरोप है कि समस्या की शिकायत कई बार संबंधित विभाग को दी जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं किया गया।

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    वार्ड नंबर-22 के पार्षद अवतार सिंह तारा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद घर-घर जाकर समस्या का जायजा लिया। उन्होंने खुद पाया की कई घरों में दूषित पानी सप्लाई हो रहा है। उन्होंने पहले डीसी संगरूर को दूषित पानी की बोतल सौंपकर समस्या के समाधान की मांग की थी। इसके बावजूद जब हालात में सुधार नहीं हुआ तो मंगलवार को उन्होंने नगर कौंसिल के कार्यसाधक अधिकारी से मुलाकात कर तुरंत कार्रवाई की अपील की।

    उन्होंने बताया कि यहां रोड पर पिछले काफी समय से पानी की पाइपलाइन लीक चल रही है। इस बाबत कई बार संबंधित अधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है, लेकिन स्थायी हल नहीं हो पाया है। पार्षद का कहना है कि प्रशासन को इस मुद्दे को प्राथमिकता देनी चाहिए, क्योंकि यह सीधे तौर पर लोगों के स्वास्थ्य से जुड़ा मामला है।

    पुरानी लाइनें हो रही लीक

    मोहल्ला निवासियों का कहना है कि जल सप्लाई की पाइपलाइनें काफी पुरानी हैं व कई जगहों से लीक हो रही हैं। यहां रोड पर से भारी वाहनों की आवाजाही है, जिस कारण कई जगहों से लाइनें दब चुकी हैं व पाइपों में दरार के कारण गंदा पानी सप्लाई में मिल रहा है। यदि समय रहते पाइपलाइन की जांच और मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति और भयावह हो सकती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं किया गया तो मोहल्ला निवासी कड़ा रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।

    पानी के भरे सैंपल, समस्या बरकरार

    पार्षद अवतार सिंह तारा ने बताया कि मामला प्रशासन के ध्यान में लाने के बाद नगर कौंसिल के कार्यसाधक अफसर ने मौके का दौरा किया। बकायदा पीने के पानी के सैंपल लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है, किंतु अभी तक समस्या का स्थायी तौर पर हल नहीं हुआ है। जल्द समस्या का हल करवाया जाना चाहिए, ताकि लोगों को दूषित पानी पीने से निजात मिल सकें।