यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 17, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव का हुआ आगाज, प्रत्याशी को लेकर SAD का मंथन अभी भी जारी, इन दावेदारों पर उलझा पेंच
Lok Sabha Election 2024 लोकसभा चुनाव का आगाज हो गया है। वहीं प्रत्याशियों को लेकर शिअद का मंथन अभी भी जारी है। एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर क ...और पढ़ें

धर्मवीर सिंह मल्हार, तरनतारन। Lok Sabha Election 2024: आम आदमी पार्टी (AAP) ने लोकसभा क्षेत्र खडूर साहिब से परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को चुनाव मैदान में उतार दिया है, जबकि कांग्रेस पार्टी अपने प्रत्याशी के लिए चिंतन मंथन कर रही है। भाजपा को प्रत्याशी उतारने में जहां मुश्किल आ रही है, वहीं शिअद द्वारा खडूर साहिब के चुनावी रण में किसे उतारा जाना है, इस बाबत अभी पार्टी में अंदरूनी तौर पर लामबंदी जारी है।
2019 में बीबी जागीर कौर ने लड़ा था चुनाव
एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर द्वारा संसदीय चुनाव से ना उतरने के संकेत देने से शिअद को एक बार फिर से हलके से अपना उम्मीदवार तय करने के लिए सोचना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि 2019 के संसदीय चुनाव में शिअद-भाजपा गठबंधन की ओर से बीबी जागीर कौर ने चुनाव लड़ा था। उस दौरान कांग्रेस के जसबीर सिंह डिंपा ने जीत दर्ज की थी।
पूर्व कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के नाम पर भी जारी मंथन
इस बार फिलहाल शिअद और भाजपा अलग-अलग नजर आ रहे हैं। ऐसे में साढ़े तीन माह पहले शिअद अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मजीठिया को खडूर साहिब हलके का इंचार्ज लगाकर उन्हें चुनावी रण में उतारने के संकेत दिए गए थे। अब जबकि आप ने पट्टी से पहली बार विधायक बनकर मंत्री बने लालजीत सिंह भुल्लर को चुनाव मैदान में उतारने के बाद शिअद अब मजीठिया के बजाय पूर्व कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के नाम पर भी चिंतन मंथन करने लगा है।
सियासत में कैरों की रही है तगड़ी पकड़
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की बेटी बीबी परनीत कौर कैरों की पत्नी आदेश प्रताप सिंह कैरों का नाम भी टिकट के लिए विचार किया जा रहा है। बीबी कैरों की माझे की सियासत में तगड़ी पकड़ रही है। आदेश प्रताप सिंह कैरों जब तीन बार कैबिनेट मंत्री रहे तो क्षेत्र की बागडोर बीबा कैरों ही संभालती रही हैं। उन्हें भी लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में देखा जा रहा है।
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वहीं, शिअद के पूर्व जिला अध्यक्ष प्रो. विरसा सिंह वल्टोहा को भी चुनावी रण में उतारने की चर्चा है। प्रो. विरसा सिंह वल्टोहा माझा के तगड़े नेताओं में आते हैं। उन्हें पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का भी समर्थन प्राप्त है। ऐसे में उनके नाम पर भी विचार किया जा सकता है। एक माह पहले प्रो. वल्टोहा और पूर्व मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों के बीच सियासी जफ्फी भी पड़ चुकी है।