राजस्थान में बाल विवाह पर रोक, छात्र की सूचना से दो नाबालिगों की शादी रुकी
राजस्थान में अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोकने में प्रशासन को सफलता मिली। बूंदी में एक पांचवीं कक्षा के छात्र की सतर्कता से आठ वर्षीय छात्रा का विवाह रु ...और पढ़ें
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पांचवी के छात्र ने रुकवाया आठ वर्षीया लड़की का बाल विवाह (फाइल फोटो)
HighLights
पांचवीं के छात्र ने चाइल्ड हेल्पलाइन को दी सूचना।
बूंदी में आठ वर्षीय छात्रा का विवाह रोका गया।
प्रशासन ने अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रुकवाए।
जागरण संवाददाता, जयपुर। राजस्थान में अक्षय तृतीया पर सदियों से चली आ रही बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई आज के दौर में भी जारी है। हालांकि, प्रशासन की सख्ती और पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र की सतर्कता से रविवार को एक बाल विवाह रुक गया।
मामला बूंदी जिले का है, जहां आठ वर्षीया छात्रा का विवाह 12 वर्षीय बच्चे के साथ अक्षय तृतीया को होना प्रस्तावित था। हालांकि, वह पढ़ना चाहती थी। यह बात उसने पिछले सप्ताह अपने साथ स्कूल जाने वाले छात्र को बताई। शनिवार से लेकर रविवार सुबह तक छात्र ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर तीन बार फोन कर के अपनी साथी छात्रा का बाल विवाह रुकवाने के लिए मदद मांगी।
कैसे मांगी मदद?
उसने हेल्पलाइन पर फोन उठाने वाले कर्मचारी से कहा कि मेरी दोस्त आठ साल की है। रविवार को उसकी शादी हो रही है लेकिन वह पढ़ना चाहती है। प्लीज यह शादी रुकवा दीजिए। वह शादी नहीं करना चाहती है। चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वयक रामनरायण गुर्जर ने उच्च अधिकारियों को इस बारे में सूचना दी। जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर बाल विवाह होने से रोका।
छात्रा के साथ 16 साल की एक अन्य नाबालिग का भी विवाह होना था। दोनों बच्चियां एक ही परिवार की है। इसी तरह बूंदी के सदर पुलिस थाना क्षेत्र में रविवार को दो बच्चियों का बाल विवाह होना था। प्रशासन को शनिवार को इस बारे में सूचना मिली। तहसीलदार अर्जुन मीणा ने बाल विवाह की रोकथाम के लिए न्यायिक मजिस्ट्रेट से निषेधाज्ञा जारी करवाई। पुलिस की टीम बालिकाओं के घर पहुंची और बाल विवाह होने से रोका।