जयपुर में अस्पताल में बहन से मिलने आई महिला पर गिरा छत का पंखा, 12 टांके लगे
जयपुर के सवाई मान सिंह अस्पताल में अपनी बीमार बहन से मिलने आई एक महिला के सिर पर अचानक छत ...और पढ़ें

जयपुर में अस्पताल में बहन से मिलने आई महिला पर गिरा छत का पंखा(फोटो: सोशल मीडिया)

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डिजिटल डेस्क, जयपुर। जयपुर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह में एक महिला अपनी बीमार बहन का हालचाल जानने पहुंची थी, लेकिन अस्पताल की बदहाली का शिकार होकर खुद ही मरीज बन गई।
महिला के सिर पर अचानक छत का पंखा आ गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। सिर पर 12 से ज्यादा टांके लगने के बावजूद उसे अस्पताल में भर्ती होने के लिए दर-दर भटकना पड़ा।
यह खौफनाक घटना सोमवार देर शाम एसएमएस अस्पताल के चरक भवन में स्थित ईएनटी वार्ड की है। करौली की रहने वाली संतोष के कान का ऑपरेशन हुआ था। उसकी बहन रेणु उसे देखने और उसका हालचाल जानने के लिए अस्पताल पहुंची थी।
रेणु अपनी बहन के बेड के पास रखी एक टेबल पर बैठी ही थी कि तभी अचानक ऊपर छत पर लगा पंखा टूटकर सीधा उसके सिर पर गिर पड़ा।
वार्ड में मची चीख-पुकार
पंखा गिरते ही रेणु के सिर से खून की धार बहने लगी और पूरे ईएनटी वार्ड में अफरा-तफरी मच गई। अचानक हुए इस हादसे को देखकर मरीज और उनके परिजन बुरी तरह घबरा गए।
वहां मौजूद नर्सिंग स्टाफ ने आनन-फानन में एंबुलेंस तो बुलाई, लेकिन खून से लथपथ घायल रेणु को ट्रॉमा सेंटर तक ले जाने के लिए करीब आधे घंटे तक इंतजार करना पड़ा।
ट्रॉमा सेंटर पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत रेणु का इलाज शुरू किया और उसके सिर के गहरे घाव पर 12 से अधिक टांके लगाए। परिजनों को लगा कि अब उसे किसी सुरक्षित वार्ड में भर्ती कर लिया जाएगा, लेकिन उनकी परेशानी यहीं खत्म नहीं हुई। ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक इलाज के बाद उसे मेडिसिन डिपार्टमेंट में भर्ती कराने की बात कहकर वहां भेज दिया गया।
जब घायल रेणु को लेकर परिजन मेडिसिन डिपार्टमेंट पहुंचे, तो वहां भी उसे भर्ती करने से मना कर दिया गया। एक घायल महिला को इस हालत में एक विभाग से दूसरे विभाग के चक्कर कटवाए गए।
जहां हादसा हुआ, वहीं किया गया शिफ्ट
हर तरफ से निराश होने के बाद और काफी जद्दोजहद के बाद, अंततः रेणु को वापस उसी ईएनटी वार्ड में भेज दिया गया। उसे अपनी बहन संतोष के बगल वाले बेड पर ही शिफ्ट कर दिया गया। यानी जिस अस्पताल में वह एक तीमारदार बनकर आई थी, सिस्टम की लापरवाही और लालफीताशाही ने उसे वहीं का मरीज बना दिया।
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा रोंगटे खड़े करने वाली बात यह रही कि जिस पंखे के टूटकर गिरने से यह जानलेवा हादसा हुआ, अस्पताल के कर्मचारियों ने बिना किसी मरम्मत या जांच-पड़ताल के उसी पंखे को वापस उसी जगह पर लगा दिया।
