यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Kota Suicide: कोटा में नहीं थम रहे छात्रों की आत्महत्या के मामले, एक हफ्ते में 3 बच्चों ने दे दी जान
Kota Suicide Case राजस्थान के कोटा में छात्रों की आत्महत्या के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर कोटा में तीन छात्रों ने आत्महत्य ...और पढ़ें

HighLights
- कोटा में फिर सुसाइड केस आया सामने।
- उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले 17 वर्षीय छात्र ने की आत्महत्या।
- घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
कोटा, एजेंसी। राजस्थान के कोटा में छात्रों की आत्महत्या के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गुरुवार को भी एक छात्र ने आत्महत्या कर जान दे दी। पिछले एक सप्ताह के भीतर कोटा में यह तीसरा आत्महत्या का मामला है।
यूपी के आजमगढ़ के रहने वाले छात्र ने दी जान
पुलिस के अनुसार, मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। छात्र उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ के रहने वाले 17 वर्षीय मनीष प्रजापत हैं, जो पिछले छह महीने से कोटा के एक निजी कोचिंग संस्थान में संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) की तैयारी कर रहा था। पुलिस के मुताबिक घटनास्थल पर कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
एक साल में 21 छात्रों ने की आत्महत्या
फिलहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। बता दें कि इस साल कोटा में छात्रों की आत्महत्या के 21 मामले सामने आए।
मनजोत सिंह का आत्महत्या मामला रहा था चर्चा में
कोटा को अब देश का सुसाइड कैपिटल भी कहा जाने लगा है। बीते 6 दिनों में ही 3 बच्चों ने सुसाइड कर लिया। उनमें से एक उत्तर प्रदेश के रामपुर के रहने वाले मनजोत सिंह थे। उन्होंने बीते हफ्ते आत्महत्या कर जान दे दी थी।
मनजोत कोटा में डॉक्टर बनने के लिए मेडिकल की पढ़ाई कर रहा था। मनजोत बीते चार महीने से कोटा में था। पुलिस जब सुसाइड की छानबीन करने हॉस्टल पहुंची तो रूम अंदर से लॉक था। स्टूडेंट के पूरे मुंह पर पॉलीथिन बंधी थी और हाथ पीछे से बंधे थे।