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उदयपुर के आश्रम में 10 साल की अनाथ बच्ची से दुष्कर्म, संचालिका का भाई बना हैवान

Updated: Fri, 14 Aug 2026 09:36 PM (IST)

उदयपुर के एक आश्रम में 10 वर्षीय अनाथ बच्ची के साथ आश्रम संचालिका के भाई ने दुष्कर्म किया।

10 साल की बच्ची से दुष्कर्म (प्रतीकात्मक फोटो)

10 साल की बच्ची से दुष्कर्म (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. उदयपुर आश्रम में 10 वर्षीय अनाथ बच्ची से दुष्कर्म का मामला।

  2. आरोपी आश्रम संचालिका का भाई, संचालिका ने मामले को दबाया।

  3. शिक्षिका की शिकायत पर बच्ची को बचाया, पुलिस कर रही जांच।

जागरण संवाददाता, उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर शहर से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक आश्रम की आड़ में चल रहे कुकृत्य का पर्दाफाश हुआ है, जहां सुरक्षा का भरोसा देने वाले स्थान पर ही 10 साल की एक मासूम के साथ दुष्कर्म किया गया।

आरोपी कोई और नहीं, बल्कि आश्रम की महिला संचालिका का अपना भाई है, जो इस जघन्य कृत्य को अंजाम दे रहा था।

मां की मौत और पिता के बेसहारा छोड़ने का उठाया फायदा

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता की मां का कुछ वर्ष पूर्व निधन हो चुका है। उसका पिता मजदूरी करता है और शराब का आदी है।

इकलौती संतान होने के कारण पिता करीब छह महीने पहले उसे इस आश्रम में अकेला छोड़ गया था, जिसके बाद वह कभी बेटी का हाल जानने नहीं आया।

इसी लाचारी और अकेली स्थिति का फायदा उठाकर आश्रम संचालिका का भाई लगातार बच्ची का यौन शोषण कर रहा था।

संचालिका ने दबाई आवाज, टीचर ने दिखाई मानवता

पीड़ित बच्ची ने अपनी इस आपबीती की शिकायत कई बार आश्रम की संचालिका (बहन) से की थी। लेकिन संचालिका ने संवेदनशीलता दिखाने के बजाय मामले को दबा दिया और बच्ची को चुप रहने की धमकी दी।

मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्ची के पूर्व स्कूल के शिक्षक कभी-से मिलने आश्रम पहुँचे। डरी-सहमी बच्ची ने रोते हुए शिक्षक को अपने ऊपर हो रहे अत्याचार की पूरी कहानी सुनाई। शिक्षक ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए चाइल्ड लाइन को इसकी आधिकारिक शिकायत दी।

एसपी ने खुद लिए बयान, सख्त कार्रवाई का आश्वासन

शिकायत मिलते ही चाइल्ड लाइन और प्रशासनिक अमले ने तत्परता दिखाते हुए बच्ची को आश्रम से सुरक्षित रेस्क्यू किया और बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया।

CWC अध्यक्ष यशोदा पनिहार की काउंसलिंग के दौरान बच्ची ने दहशत में कहा कि उसे वापस उस आश्रम में नहीं जाना है। समिति के निर्देश पर पीड़िता को फिलहाल राजकीय बालिका गृह में सुरक्षित आश्रय दिया गया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी डॉ. अमृता दुहन ने राजकीय बालिका गृह का औचक निरीक्षण किया और पीड़ित बच्ची से अकेले में मिलकर उसके विस्तृत बयान दर्ज किए।

एसपी ने इस गंभीर मामले में आरोपी और उसकी सहकर्मी संचालिका के खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। पुलिस और प्रशासन की टीमें अब मामले के हर पहलू की गहनता से जांच कर रही हैं।

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