यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ekadashi Vrat 2025 Date: कब मनाई जाएगी इंदिरा और पापांकुशा एकादशी? यहां जानें शुभ मुहूर्त एवं योग
आश्विन माह में पितृ पक्ष (pitru paksha 2025) मनाया जाता है। इस दौरान पितरों का तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है। पितरों का तर्पण एवं पिंडदान करने से पूर ...और पढ़ें

HighLights
- एकादशी के दिन भगवान मधुसूदन की पूजा की जाती है।
- भगवान मधुसूदन की पूजा करने से शुभ फल मिलता है।
- एकादशी तिथि पर दान करना उत्तम माना जाता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में आश्विन माह का खास महत्व है। यह महीना जगत की देवी मां दुर्गा को समर्पित है। इस महीने में कृष्ण पक्ष के दौरान पितरों की पूजा की जाती है। इसके साथ ही तर्पण एवं पिंडदान किया जाता है। वहीं, शुक्ल पक्ष में शारदीय नवरात्र मनाया जाता है। इस दौरान जगत की देवी मां दुर्गा की भक्ति भाव से पूजा की जाती है।
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आश्विन माह में इंदिरा और पापांकुशा एकादशी भी मनाई जाती है। इस दौरान जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। साथ ही एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।
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कब मनाई जाती है इंदिरा एकादशी?
हर साल आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को इंदिरा एकादशी मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। यह पर्व पितृ पक्ष के दौरान मनाया जाता है। इस व्रत को करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही मनचाही मुराद पूरी होती है।
इंदिरा एकादशी (Indira Ekadashi 2025)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 17 सितंबर को देर रात 12 बजकर 21 मिनट पर आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत होगी। वहीं, 17 सिंतबर को देर रात 11 बजकर 39 मिनट पर एकादशी तिथि समाप्त होगी। सनातन धर्म में सूर्योदय से तिथि की गणना होती है। इसके लिए 17 सितंबर को इंदिरा एकादशी मनाई जाएगी।
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कब मनाई जाती है पापांकुशा एकादशी?
हर साल आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के अगले दिन पापांकुशा एकादशी मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और देवी मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है। साथ ही मनचाही मुराद पाने के लिए एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत को करने से जन्म-जन्मांतर में किए गए पाप नष्ट हो जाते हैं।
पापांकुशा एकादशी (Papankusha Ekadashi 2025)
वैदिक पंचांग के अनुसार, 02 अक्टूबर को शाम 07 बजकर 10 मिनट पर आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि शुरू होगी। वहीं, 03 अक्टूबर को शाम 06 बजकर 32 मिनट पर समाप्त होगी। इस साल 03 अक्टूबर को पापांकुशा एकादशी मनाई जाएगी।
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