Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mokshada Ekadashi 2023: मोक्षदा एकादशी के दिन इन मंत्रों का करें जाप, घर में सुख-शांति का होगा आगमन

    By Jagran NewsEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Fri, 15 Dec 2023 09:02 AM (IST)

    मोक्षदा एकादशी के दिन के जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी पूजा-अर्चना और व्रत किया जाता है। मान्यता के अनुसार एकादशी व्रत करने से साधक को शुभ फल की प्रा ...और पढ़ें

    Mokshada Ekadashi 2023: मोक्षदा एकादशी के दिन इन मंत्रों का करें जाप
    Mokshada Ekadashi 2023: मोक्षदा एकादशी के दिन इन मंत्रों का करें जाप

    HighLights

    1. मोक्षदा एकादशी वर्ष की अंतिम एकादशी होती है।
    2. इस बार मोक्षदा एकादशी 22 दिसंबर 2023 को है।
    3. एकादशी व्रत करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Mokshada Ekadashi 2023: साल में कुल 24 एकादशी होती है। मोक्षदा एकादशी वर्ष की अंतिम एकादशी होती है। मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को मोक्षदा एकादशी के नाम जाना जाता है। इस बार मोक्षदा एकादशी 22 दिसंबर 2023 को है। एकादशी के दिन के जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी पूजा-अर्चना और व्रत किया जाता है। मान्यता के अनुसार, एकादशी व्रत करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है और साथ सभी तरह के बुरे कर्मों से निजात मिलती है। धार्मिक मत है कि मोक्षदा एकादशी के दिन पूजा-अर्चना के दौरान विशेष मंत्रों का जाप करने से भगवान विष्णु जी की कृपा सदैव बनी रहती है और घर में सुख- शांति का आगमन होता है। आइए, मोक्षदा एकादशी के दिन जाप किए जाने वाले मंत्र जानते हैं।

    मोक्षदा एकादशी के मंत्र

    1.श्री विष्णु भगवते वासुदेवाय मंत्र

    ॐ नमोः भगवते वासुदेवाय॥

    ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय

    2.नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि।

    तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।।

    3.शांता कारम भुजङ्ग शयनम पद्म नाभं सुरेशम।

    विश्वाधारं गगनसद्र्श्यं मेघवर्णम शुभांगम।

    लक्ष्मी कान्तं कमल नयनम योगिभिर्ध्यान नग्म्य्म।

    यह भी पढ़ें: New Year 2024: नए साल में अशोक के पत्ते से करें ये उपाय, बदल जाएगी आपकी किस्मत

    4.दन्ता भये चक्र दरो दधानं,

    कराग्रगस्वर्णघटं त्रिनेत्रम्।

    धृता ब्जया लिंगितमब्धि पुत्रया,

    लक्ष्मी गणेशं कनकाभमीडे।।

    5.ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।

    ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।

    6.विष्णु के पंचरूप मंत्र

    ॐ अं वासुदेवाय नम:।।

    ॐ आं संकर्षणाय नम:।।

    ॐ अं प्रद्युम्नाय नम:।।

    ॐ अ: अनिरुद्धाय नम:।।

    ॐ नारायणाय नम:।।

    ॐ ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान।यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।।

    यह भी पढ़ें: Makar Sankranti 2024: 14 या 15 जनवरी, कब है मकर संक्रांति? नोट करें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि एवं महत्व

    मोक्षदा एकादशी का महत्व

    मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को होती है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। इस खास अवसर पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु जी पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता के अनुसार, मोक्षदा एकादशी का व्रत करने से साधक को सभी दुखों से छुटकारा मिलता है।

    Author- Kaushik Sharma

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'