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    Mokshada Ekadashi 2025 Date: 30 नवंबर या 01 दिसंबर, कब है मोक्षदा एकादशी? अभी नोट करें शुभ मुहूर्त

    Updated: Sun, 30 Nov 2025 03:57 PM (IST)

    Mokshada Ekadashi 2025 Date and Time सनातन धर्म में एकादशी तिथि को भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए शुभ माना जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्ग ...और पढ़ें

    Mokshada Ekadashi 2025: कब करें मोक्षदा एकादशी व्रत का पारण

    Mokshada Ekadashi 2025: कब करें मोक्षदा एकादशी व्रत का पारण

    HighLights

    1. एकादशी तिथि का विशेष महत्व है।

    2. इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है। 

    3. मोक्षदा एकादशी व्रत करने से सभी पाप दूर होते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। एकादशी के दिन भगवान विष्णु और धन की मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। धार्मिक मान्यता है कि मोक्षदा एकादशी के दिन विधिपूर्वक व्रत करने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है। साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी द्वादशी तिथि पर किया जाता है। व्रत का पारण करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि मोक्षदा एकादशी की तिथि और शुभ मुहूर्त के बारे में।

    मोक्षदा एकादशी 2025 डेट और शुभ मुहूर्त (Mokshada Ekadashi 2025 Date and Shubh Muhurat)


    वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 30 नवंबर को रात 09 बजकर 29 मिनट पर शुरू हो रही है और अगले दिन यानी 01 दिसंबर को रात 07 बजकर 01 मिनट पर होगा। ऐसे में 01 दिसंबर (Kab hai Mokshada Ekadashi 2025) को मोक्षदा एकादशी व्रत किया जाएगा।

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    ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 05 बजकर 11 मिनट से 06 बजकर 05 मिनट तक
    विजय मुहूर्त - दोपहर 01 बजकर 57 मिनट से 02 बजकर 39 मिनट तक
    गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 23 मिनट से 05 बजकर 50 मिनट तक
    निशिता मुहूर्त - रात 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 40 मिनट तक

    मोक्षदा एकादशी 2025 व्रत पारण टाइम (Mokshada Ekadashi 2025 Vrat Paran Time)


    इस व्रत का पारण 02 दिसंबर को किया जाएगा। इस दिन व्रत का पारण करने का समय सुबह 06 बजकर 51 मिनट से 09 बजकर 04 मिनट तक है। इसके बाद मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए।

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    मोक्षदा एकादशी व्रत के नियम (Mokshada Ekadashi Vrat ke Niyam)

    • एकादशी के दिन तामसिक भोजन और चावल का सेवन न करें।
    • घर में साफ-सफाई का खास ध्यान रखें।
    • किसी से वाद-विवाद न करें।
    • किसी के बारे में गलत न सोचें।
    • अगले दिन व्रत का पारण करें।

    विष्णु मंत्र

    1. ॐ वासुदेवाय विघ्माहे वैधयाराजाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||
    ॐ तत्पुरुषाय विद्‍महे अमृता कलसा हस्थाया धीमहि तन्नो धन्वन्तरी प्रचोदयात् ||

    2. शान्ताकारम् भुजगशयनम् पद्मनाभम् सुरेशम्
    विश्वाधारम् गगनसदृशम् मेघवर्णम् शुभाङ्गम्।
    लक्ष्मीकान्तम् कमलनयनम् योगिभिर्ध्यानगम्यम्
    वन्दे विष्णुम् भवभयहरम् सर्वलोकैकनाथम्॥

    3. ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
    धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।