भाग्य बदलना है तो निर्जला एकादशी पर करें इस 1 चीज का दान, शुरू होगा गोल्डन टाइम
निर्जला एकादशी 25 जून को है, जिस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा के साथ दान का विशेष महत्व है। इस दिन जल, फल, सुहाग सामग्री और जूते-चप्पल दान ...और पढ़ें

निर्जला एकादशी के दिन दान से चमकेगा भाग्य (AI-Generated Image)
HighLights
निर्जला एकादशी 25 जून को, दान का विशेष महत्व।
जल, फल, सुहाग सामग्री दान से मिलती है समृद्धि।
जूते-चप्पल दान से कष्ट दूर, कारोबार में सफलता।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सभी एकादशी तिथि में निर्जला एकादशी को कठिन और महत्वपूर्ण माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि पर किया जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार निर्जला एकादशी व्रत 25 जून (Nirjala Ekadashi 2026 Date) को किया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की साधना और व्रत करने से साधक को सभी पापों से छुटकारा मिलता है और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
निर्जला एकादशी के अवसर पर दान करने का अधिक महत्व है। दान करने से भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी अधिक प्रसन्न होते हैं, जिससे दरिद्रता का नाश होता है और घर में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। अगर आप भी अपना जीवन खुशहाल चाहते हैं, तो निर्जला एकादशी के दिन इन विशेष चीजों का दान जरूर करें। इससे जीवन में आर्थिक उन्नति और शुभ फल की प्राप्ति होगी।
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1. जल से भरा घड़ा- निर्जला एकादशी के अवसर पर जल दान को महादान माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन जल से भरा घड़ा मंदिर या गरीब लोगों में दान करने से धन के मार्ग खुलते हैं और जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। साथ ही साधक को जीवन में किसी भी चीज की कमी का सामना नहीं करना पड़ता।
2. फल का दान- अगर आप शुभ फल की प्राप्ति चाहते हैं, तो निर्जला एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने के बाद फल का दान करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, एकादशी के दिन फल का दान करने से अटका हुआ धन वापस मिलता और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।
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3. सुहाग और पीले वस्त्रों का दान- अगर आप दांपत्य जीवन खुशहाल चाहते हैं, तो निर्जला एकादशी के दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग की सामग्री का दान करें। इसके अलावा पीले वस्त्र, चने की दाल, और हल्दी का दान भी करें। ऐसा माना जाता है कि इन चीजों का दान करने से आर्थिक तंगी की समस्या दूर होती है और दांपत्य जीवन खुशहाल होता है।
4. जूता या चप्पल का दान- जीवन में आ रहे सभी कष्टों से छुटकारा पाने के लिए एकादशी के दिन जूता या चप्पल का दान करना शुभ माना जाता है। इससे साधक के जीवन में सुख-शांति का आगमन होता है और बिगड़े काम बनते हैं। साथ ही कारोबार में सफलता प्राप्त होती है।
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