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    निर्जला एकादशी 2026: गृहस्थ और वैष्णव कब रखेंगे व्रत? जानिए सही डेट और पारण का शुभ मुहूर्त

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 09:47 AM (IST)

    निर्जला एकादशी 2026 का व्रत गृहस्थ और वैष्णव दोनों 25 जून को रखेंगे, क्योंकि इस दिन सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मिल रही है। यह व्रत भगवान विष्णु की कृ ...और पढ़ें

    निर्जला एकादशी व्रत के नियम (Picture Credit- AI Generated)

    निर्जला एकादशी व्रत के नियम (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. गृहस्थ और वैष्णव दोनों 25 जून 2026 को रखेंगे निर्जला एकादशी व्रत।

    2. व्रत पारण 26 जून को सुबह 05:25 से 08:13 बजे के बीच होगा।

    3. यह एकादशी सभी व्रतों में सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में एकादशी तिथि को शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ माह की निर्जला एकादशी (Nirjala Ekadashi 2026) को सभी एकादशियों में महत्वपूर्ण माना जाता है। धर्मिक मान्यता के अनुसार, इस व्रत को करने से पूरे वर्ष की एकादशियों के बराबर पुण्य और फल प्राप्त होता है। साथ ही भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

    इस दिन मंदिर या गरीब लोगों में अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। इससे धन लाभ के योग बनते हैं। साथ ही सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। व्रत की तिथियों को लेकर गृहस्थ और वैष्णव संप्रदाय के नियम अलग-अलग होते हैं। इसलिए गृहस्थ और वैष्णव के लिए एकादशी व्रत की तारीखें अलग-अलग हो जाती हैं। सही डेट को लेकर लोगों में बेहद कंफ्यूजन रहती है, तो ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि वैष्णव और गृहस्थ वाले कब रखेंगे निर्जला एकादशी व्रत।

    nirjala ekadashi 2026  (3)

     (Picture Credit- AI Generated)

    निर्जला एकादशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Nirjala Ekadashi 2026 Date and Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार वैष्णव और गृहस्थ दोनों निर्जला एकादशी का व्रत 25 जून को ही रखेंगे, क्योंकि इस बार 25 जून को सूर्योदय के समय एकादशी तिथि मिल रही है।
    ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत- 24 जून को शाम 06 बजकर 12 मिनट पर
    ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का समापन- 25 जून को रात 08 बजकर 09 मिनट पर
    व्रत पारण करने का समय- 26 जून को सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 08 बजकर 13 मिनट तक

    ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 04 मिनट से 04 बजकर 45 मिनट तक
    अभिजित मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 56 मिनट से 12 बजकर 52 मिनट तक
    विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से 03 बजकर 39 मिनट तक
    गोधूलि मुहूर्त - शाम 07 बजकर 21 मिनट से 07 बजकर 42 मिनट तक
    अमृत काल- सुबह 06 बजकर 46 मिनट से 08 बजकर 32 मिनट तक

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    इन बातों का रखें ध्यान

    • निर्जला एकादशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और व्रत का संकल्प लें।
    • भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करें।
    • अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।
    • भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें।
    • किसी से वाद-विवाद न करें।
    • किसी के बारे में गलत न सोचें।
    • तामसिक भोजन का सेवन न करें।
    • अन्न-धन समेत आदि चीजों का दान करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।