पद्मिनी एकादशी व्रत में चाय कॉफी पीना सही या गलत जानें धार्मिक नियम?
27 मई को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। इस दौरान चाय-कॉफी के सेवन को लेकर शास्त्रों में क्या कहा गया है। ...और पढ़ें

पद्मिनी एकादशी चाय-कॉफी और दूध पीना सही या गलत (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, एक महीने में 2 बार एकादशी की तिथि आती है। इस प्रकार एक साल में कुल 24 एकादशी की तिथि पड़ती है। मई महीने में अपरा और पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाता है।
ऐसे में इस साल 27 मई को पद्मिनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा। एकादशी व्रत के दौरान कई महिलाएं चाय-कॉफी पीती हैं, क्योंकि उनका मानना है कि, यह कोई अनाज नहीं है। लेकिन क्या शास्त्र इसकी सलाह देते हैं? आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक मत।
एकादशी व्रत में कॉफी पीना सही या गलत?
बहुत से लोग एकादशी ही नहीं अन्य व्रत के दौरान कॉफी पी लेते हैं, जो कि धार्मिक नजरिए से गलत माना जाता है। दरअसल कॉफी बीन्स अनाज नहीं बल्कि एक तरह की फली है। क्योंकि शास्त्रों में व्रत के दौरान फली का सेवन नहीं करना चाहिए, इसलिए व्रत के दौरान कॉफी का सेवन करने से बचें।
इसके अलावा कॉफी में काफी ज्यादा मात्रा में कैफीन नाम का तत्व होता है, जो नशा देने वाला पदार्थ माना जाता है, इसलिए एकादशी व्रत के दौरान कॉफी के सेवन से बचना चाहिए।
क्या एकादशी व्रत में चाय पी सकते हैं?
वैज्ञानिक नजरिए से चाय एक तरह के पौधे की पत्तियों से बनती है। धार्मिक नजरिए से एकादशी व्रत के दौरान किसी भी तरह के पेड़-पौधे की पत्तियों का सेवन नहीं करना चाहिए। कॉफी की ही तरह चाय में भी कैफीन की मात्रा अधिक होती है, जो नशा देने वाला पदार्थ माना जाता है।
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एकादशी व्रत में दूध पी सकते हैं?
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, एकादशी व्रत के दौरान केवल गाय के दूध का ही सेवन करना चाहिए, किसी अन्य पशु के दूध का नहीं। ये सभी नियम केवल एकादशी से जुड़े व्रतों के लिए ही नहीं है, बल्कि अन्य सभी व्रतों में भी यही नियम लागू होते हैं।
एकादशी व्रत के दौरान सात्विकता और संयम का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके अलावा किसी भी तरह का नशा (खासतौर पर सिगरेट) का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसे व्रत भंग होता है।
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