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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rangbhari Ekadashi 2024: रंगभरी एकादशी पर न करें ये कार्य, वरना जीवन में आएंगी कई परेशनियां

    Updated: Mon, 18 Mar 2024 04:57 PM (IST)

    एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने का विधान है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 20 मार्च को है। इस एकादशी को रंगभरी एकादशी और आ ...और पढ़ें

    Rangbhari Ekadashi 2024: रंगभरी एकादशी पर न करें ये कार्य, वरना जीवन में आएंगी कई परेशनियां
    Rangbhari Ekadashi 2024: रंगभरी एकादशी पर न करें ये कार्य, वरना जीवन में आएंगी कई परेशनियां

    HighLights

    1. रंगभरी एकादशी 20 मार्च को है।
    2. इस दिन कुछ कार्य नहीं करने चाहिए।
    3. एकादशी तिथि पर चावल का सेवन वर्जित है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Rangbhari Ekadashi Vrat Niyam: हर माह में 2 बार एकादशी आती है। एक कृष्ण पक्ष में और दूसरी शुक्ल पक्ष में। एकादशी तिथि पर भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने का विधान है। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि 20 मार्च को है। इस एकादशी को रंगभरी एकादशी और आमलकी एकादशी के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से साधक को शुभ फल की प्राप्ति होती है।

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    शास्त्रों के अनुसार, रंगभरी एकादशी के दिन कुछ कार्यों को करने की सख्त मनाही है। माना जाता है कि इन वर्जित कार्यों को करने से पूजा सफल नहीं होती है और जीवन में कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि रंगभरी एकादशी के दिन कार्यों को करने से बचना चाहिए।

    न करें ये कार्य

    • रंगभरी एकादशी के दिन चावल का सेवन करना वर्जित है। मान्यता है कि एकादशी के दिन चावल खाने से इंसान को अगला जन्म रेंगने वाले जीव की योनि में मिलता है।
    • इसके अलावा एकादशी के दिन नाखून या बाल भी नहीं कटवाने चाहिए। माना जाता है कि इस कार्य को करने से कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं और देवी-देवता नाराज हो सकते हैं।
    • रंगभरी एकादशी व्रत में शैंपू, तेल और साबुन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
    • रंगभरी एकादशी व्रत में किसी इंसान के प्रति मन में गलत नहीं सोचना चाहिए।
    • इस दिन तुलसी के पौधे की पूजा करें और जल अर्पित करें, लेकिन एक विशेष बात का विशेष ध्यान रखें कि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते को न तोड़ें। मान्यता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी रूष्ट हो सकती हैं।
    • रंगभरी एकादशी तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
    • इसके अलावा व्रती को सुबह की पूजा करने के बाद दिन में सोना नहीं चाहिए।

    रंगभरी एकादशी 2024 शुभ मुहूर्त

    पंचांग के अनुसार, रंगभरी एकादशी तिथि की शुरुआत 20 मार्च को रात्रि 12 बजकर 21 मिनट से होगी और इसके अगले दिन यानी 21 मार्च को सुबह 02 बजकर 22 मिनट पर तिथि का समापन होगा। ऐसे में रंगभरी एकादशी व्रत 20 मार्च को किया जाएगा।

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