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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Guru Gochar 2023: साल 2024 में वृषभ राशि में गोचर करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 5 राशि के लोग बनेंगे धनवान

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Wed, 13 Sep 2023 12:22 PM (IST)

    Shukra Gochar 2023 वर्तमान समय में गुरु मेष राशि में विराजमान हैं। इसके चलते मेष राशि समेत कई अन्य राशि के जातकों को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति ह ...और पढ़ें

    Guru Gochar 2023: साल 2024 में वृषभ राशि में गोचर करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 5 राशि के लोग बनेंगे धनवान
    Guru Gochar 2023: साल 2024 में वृषभ राशि में गोचर करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 5 राशि के लोग बनेंगे धनवान

    HighLights

    1. कुंडली में गुरु मजबूत रहने से जातक को जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है।
    2. वर्तमान समय में गुरु मेष राशि में विराजमान हैं।
    3. साल 2024 में देवगुरु बृहस्पति मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करेंगे।

    नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क। Guru Gochar 2024 in Vrishabha Rashi: सनातन धर्म में गुरुवार का दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव को समर्पित होता है। इस दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु संग देवगुरु बृहस्पति की पूजा-उपासना की जाती है। ज्योतिषियों की मानें तो कुंडली में गुरु मजबूत रहने से जातक को जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होती है। अविवाहित जातकों की शीघ्र शादी हो जाती है। वहीं, कुंडली में गुरु कमजोर होने पर जातक को जीवन में धन संबंधी परेशानी हमेशा बनी रहती है। वर्तमान समय में गुरु मेष राशि में विराजमान हैं। इसके चलते मेष राशि समेत कई अन्य राशि के जातकों को सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति हो रही है। वहीं, अगले वर्ष यानी साल 2024 में देवगुरु बृहस्पति मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इस गोचर से वृषभ राशि समेत कई अन्य राशि के जातकों के आय और सौभाग्य में अपार वृद्धि होगी। आइए, इन भाग्यशाली राशियों के बारे में जानते हैं-

    गुरु गोचर

    ज्योतिषियों की मानें तो 1 मई, 2024 को दोपहर 12 बजकर 59 मिनट पर गुरु मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में गोचर करेंगे। इसके बाद, 12 जून को रोहिणी नक्षत्र में गोचर करेंगे। वहीं, 9 अक्टूबर को गुरु वक्री हो जाएंगे और 4 फरवरी, 2025 तक वक्री चाल चलेंगे। इसके पश्चात, 4 फरवरी को मार्गी होंगे और 14 मई ( रात 10 बजकर 36 मिनट) , 2025 तक वृषभ राशि में रहेंगे।

    यह भी पढ़ें- Shukra Gochar 2023: 2 अक्टूबर को सिंह राशि में होगा शुक्र का गोचर, इन 3 राशियों की बदलेगी किस्मत

    वृषभ राशि

    वृषभ राशि के स्वामी शुक्र देव हैं। अतः इस राशि के जातकों को जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। वहीं, गुरु के गोचर से वृषभ राशि के जातकों के आय और सौभाग्य में वृद्धि होगी। समाज में मान-सम्मान मिलेगा। साथ ही सभी बिगड़े काम बनने लगेंगे। विवाह के योग भी हैं। दांपत्य जीवन मधुर होगा।

    कर्क राशि

    साल 2024 में गुरु राशि परिवर्तन के पश्चात देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि के एकादश भाव में विराजमान होंगे। इसे आय का भाव भी कहा जाता है। अतः कर्क राशि के आय में वृद्धि होगी। आय के नए स्रोत भी बनेंगे। नौकरी मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। कारोबार में मन मुताबिक सफलता मिलेगी। अविवाहितों के लिए रिश्ते भी आ सकते हैं।

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    कन्या राशि

    कन्या राशि के भाग्य भाव में गुरु विराजमान होंगे। इससे कन्या राशि के जातकों के कारोबार में अपार वृद्धि होगी। साथ ही करियर को भी नया आयाम मिल सकता है। रुके हुए कार्य पूरे हो जाएंगे। आमदनी बढ़ेगी। साथ ही बिगड़े काम भी बनने लगेंगे। वैवाहिक जीवन खुशहाल होगा।

    वृश्चिक राशि

    साल 2024 में गुरु राशि परिवर्तन के पश्चात वृश्चिक राशि के सप्तम भाव में विराजमान हो जाएंगे। इस भाव में गुरु के गोचर से विवाहित जातकों के सुख और सौभाग्य में अपार वृद्धि होगी। वहीं, अविवाहितों के लिए रिश्ते आ सकते हैं। साथ ही भाग्य का भी पूरा साथ मिलेगा। इससे बिगड़े काम बन जाएंगे।

    मेष राशि

    वर्तमान समय में गुरु मेष राशि में विराजमान हैं। अगले वर्ष गुरु मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। उस समय गुरु मेष राशि के धन भाव में विराजमान होंगे। धन भाव में गुरु के गोचर से मेष राशि के जातकों को धन प्राप्ति के योग बनेंगे। साथ ही करियर और कारोबार को नया मिलेगा। कुल मिलाकर कहें तो 5 राशियों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन किस्मत के दरवाजे खोलने जैसा रहेगा।

    डिस्क्लेमर-''इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना में निहित सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्म ग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारी आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना के तहत ही लें। इसके अतिरिक्त इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'