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गुरु का अश्लेषा नक्षत्र में महागोचर: मेष, मिथुन और कर्क समेत 6 राशियों के खुलेंगे धन-तरक्की के नए रास्ते

Published: Mon, 17 Aug 2026 03:08 PM (IST)

देवगुरु बृहस्पति 18 अगस्त 2026 को कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं, जिससे ज्ञान, धन और भाग्य में वृद्धि होगी।

किन राशियों की चमकेगी किस्मत (AI-Generated Image)

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आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। वैदिक ज्योतिष में बृहस्पतिदेव (देवगुरु बृहस्पति) को ज्ञान, धन, पढ़ाई, विवाह, भाग्य और वृद्धि का मुख्य कारक माना जाता है। 18 अगस्त 2026 को बृहस्पतिदेव कर्क राशि में रहते हुए अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं।

अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी बुद्धदेव हैं और इसका संबंध नागों से माना जाता है। यह नक्षत्र गहराई से सोचने, सही योजना बनाने और स्थिति के छिपे पहलुओं को समझने की शक्ति देता है।

कर्क राशि में बृहस्पतिदेव उच्च के माने जाते हैं। अश्लेषा नक्षत्र में आने से बृहस्पतिदेव का प्रभाव बातों की गहराई को समझने वाला बनता है। इससे लोग हर फैसले को बहुत सोच-समझकर लेंगे। पढ़ाई, पैसों के लेन-देन, लिखने और सलाह देने वाले क्षेत्रों से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के नए रास्ते मिलेंगे। ऐसे में आइए आपको बताते हैं गुरु नक्षत्र गोचर का मेष से कन्या राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

1. मेष राशि:

बृहस्पतिदेव आपके चतुर्थ भाव (सुख, घर और परिवार का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। इससे घर-परिवार में खुशी और अपनों का साथ मिलेगा। जमीन खरीदने, घर की मरम्मत या गाड़ी खरीदने की योजना आगे बढ़ सकती है। परिवार के मामलों में बहुत ज्यादा भावुक होने से बचें और संपत्ति के कागज ध्यान से जांचें। इस समय अपनों के साथ तालमेल बनाकर चलने से शांति रहेगी।
उपाय: गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पीले फूल अर्पित करें।

2. वृषभ राशि:

बृहस्पतिदेव आपके तृतीय भाव (साहस, संवाद और छोटे भाई-बहनों का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। आपके साहस और बात करने के तरीके में मजबूती आएगी। काम-धंधे, मीडिया, मार्केटिंग और लिखने के काम में अच्छे नतीजे मिलेंगे। छोटी यात्राओं से काम के नए रास्ते खुलेंगे। अपनी योजनाओं को संभालकर रखें और जरूरी बातें किसी से शेयर न करें। भाई-बहनों का सहयोग बना रहेगा।
उपाय: गुरुवार के दिन पीली दाल का दान करना अच्छा रहेगा।

3. मिथुन राशि:

बृहस्पतिदेव आपके द्वितीय भाव (धन और वाणी का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। इससे पैसों की बचत, परिवार और बोली पर ध्यान रहेगा। कमाई के नए रास्ते खुल सकते हैं। पैसों के बारे में बहुत ज्यादा सोचने या परिवार से बातें छिपाने से बचें। बिना पूरी जानकारी के कोई बड़ा निवेश न करें। अपनी बात सही तरीके से कहना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।
उपाय: गुरुवार को 'ॐ बृं बृहस्पतये नमः' का जाप करें।

4. कर्क राशि:

बृहस्पतिदेव आपके प्रथम भाव (व्यक्तित्व और स्वभाव का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। यह आपके अपने विकास के लिए बहुत बढ़िया समय है। आपका आत्मविश्वास, फैसले लेने की समझ और समाज में सम्मान बढ़ेगा। काम में नई जिम्मेदारियां और मौके मिलेंगे। लोग आपकी सलाह लेंगे। बहुत ज्यादा अति-उत्साह से बचें और हर मौके को सोच-समझकर चुनें।
उपाय: गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले कपड़े पहनें।

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5. सिंह राशि:

बृहस्पतिदेव आपके द्वादश भाव (व्यय, विदेश और अध्यात्म का क्षेत्र) से गुजर रहे हैं। आपका ध्यान विदेश के कामों, पूजा-पाठ और खर्चों पर रहेगा। विदेश जाने या वहां से जुड़े काम के नए मौके मिल सकते हैं। ध्यान और अध्यात्म में मन लगेगा। बिना वजह की चीजें खरीदने से बचें और अपनी नींद और सेहत का पूरा ध्यान रखें। खर्चों पर रोक लगाना जरूरी रहेगा।
उपाय: गुरुवार को जरूरतमंदों को पीली चीजें दान में दें।

6. कन्या राशि:

बृहस्पतिदेव आपके एकादश भाव (लाभ और इच्छाओं का क्षेत्र) को प्रभावित कर रहे हैं। इससे कमाई बढ़ाने और पुराने सपनों को पूरा करने में मदद मिलेगी। बड़े और जाने-माने लोग आपके लक्ष्य पूरे करने में साथ देंगे। व्यापार के संपर्कों से लाभ होगा। दोस्तों को उधार देते समय या किसी समूह के साथ मिलकर पैसे लगाते समय पूरी सावधानी बरतें।
उपाय: गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करें।

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लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com