कैसा होगा 'जीवनसाथी'? बताएगा कुंडली के 7वें भाव में बैठा ग्रह
कुंडली का 7वां भाव जीवनसाथी के स्वभाव और भविष्य को दर्शाता है। इसमें बैठे विभिन्न ग्रह जैसे सूर्य, चंद्रमा, मंगल ...और पढ़ें

कुंडली के 7वें भाव में ग्रह बताएगा कैसा होगा आपका जीवनसाथी और वैवाहिक जीवन (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अपने जीवनसाथी के बारे में जानने की उत्सुकता तो सभी के अंदर होती है, मगर यह केवल ज्योतिष गणनाओं पर ही कोई जान सकता है कि जिससे शादी होगी वो कैसा होगा। वैदिक ज्योतिष के आधार पर कुंडली में मौजूद 7वें घर को विवाह से जोड़ा गया है। कुंडली में इस घर की स्थिति कैसी है और कौन सा ग्रह इस घर में बैठा है, तय करता है कि आपका जीवनसाथी कैसा होगा।
7वें घर में सूर्य का होना
कुंडली में 7वें घर में सूर्य का होना बहुत अच्छा संकेत नहीं देता है। इस स्थिति में जातक का जीवनसाथी बहुत ही डॉमिनेटिंग हो सकता है। रूप रंग में भी जीवनसाथी कुछ खास नहीं होगा। उसके बाल बहुत पतले हो सकते हैं और आत्मनिर्भर होने पर उसे घमंड भी हो सकता है। कई मामलों में जवीनसाथी के साथ अलगाव भी संभव है।
7वें घर में चंद्रमा का होना
कुंडली के 7वें घर में चंद्रमा का होना एक शुभ संकेत है। इन जातकों को बहुत नर्म दिल और अच्छे स्वभाव वाला जीवनसाथी मिलता है। हां, कभी-कभी इनका मूड स्विंग हो सकता है। इनके अंदर जलन की भावना हमेशा प्रबल रहती है। जीवनसाथी का यह स्वभाव रिश्ते में मन-मुटाव की स्थिति भी पैदा कर सकता है।
7वें घर में मंगल का होना
कुंडली में यदि 7वें घर में मंगल बैठा हो, तो जीवनसाथी बहुत ही पक्के इरादों वाला मिलता है। कुंडली में इस स्थिति को बहुत अच्छा नहीं माना जाता है, क्योंकि यह संकेत देता है कि शादी में बहुत ज्यादा झगड़े हो सकते हैं।

7वें घर में बुध का होना
किसी जातक की कुंडली में 7वें घर में बुध बैठा हो, तो जीवनसाथी सुंदर, सज्जन और पैसे वाला मिलता है। हां, ऐसा हो सकता है कि जीवनसाथी को कोई शारीरिक परेशानी हो।
7वें घर में गुरु का होना
जातक की कुंडली के 7वें घर में यदि गुरु बैठा है, तो जीवनसाथी बहुत अच्छे स्वभाव वाला मिलता है। ऐसा जीवनसाथी आप पर खूब खर्च करेगा और खुश रहेगा। ज्यातिष गणनाओं में इसे सबसे अच्छी स्थिति माना गया है।
7वें घर में शुक्र का होना
जातक की कुंडली के 7वें घर में शुक्र है, तो इसे बहुत अच्छी स्थिति मानी गई है। ज्योतिष गणनाओं के आधार में इन्हें रोमांटिक और दिखने में सुंदर जीवनसाथी मिलता है। ये लोग अपनी शादी में हमेशा खुश रहते हैं।
7वें घर में शनि का होना
ज्योतिष गणनाओं में कुंडली के 7वें घर में शनि का होना बहुत अच्छा नहीं माना गया है। इस स्थिति में जातक को ऐसे जीवनसाथी की प्राप्ति होगी, जो अनरोमांटिक होगा। हो सकता है पार्टनर की उम्र जातक की उम्र से काफी ज्यादा हो। ऐसे कपल्स शादी में कभी खुश नहीं रह पाते हैं।
7वें घर में राहु का होना
अगर कुंडली के 7वें घर में राहु है, तो बहुत संभवाना है कि जातक अपनी कास्ट से बाहर किसी से शादी करे। इस स्थिति में जीवनसाथी हमेशा पसंद का होता है और कभी-कभी स्वभाव में बहुत कट्टर भी मिल जाता है।
7वें घर में केतु का होना
किसी जातक की कुंडली के 7वें घर में केतु बैठा हुआ है, तो वो अपनी शादी में कभी खुश नहीं रहता है। इनको बहुत ही मूडी स्वभाव वाले जीवनसाथी मिलते हैं।
तो अगर विवाह के लिए किसी पंडित को आपकी कुंडली दिखाई जा रही है, तो ऊपर बताई गई गणनाओं पर जरूर विचार कर लें।
नोट- यह ज्यातिष गणना ज्योतिषाचर्य पुनीत शर्मा द्वार लिखी गई किताब सरल वैदिक ज्योतिष के आधार पर की गई है।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
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