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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 30, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Rahu Gochar 2025: मीन राशि के जातकों को कब मिलेगी मायावी ग्रह राहु से मुक्ति, इन उपायों से मिलेगी राहत

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Sun, 30 Jun 2024 01:51 PM (IST)

    ज्योतिषियों की मानें तो मीन राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इस राशि के आराध्य जगत के पालनहार भगवान विष्णु हैं। अतः मीन राशि के जातक धार्मिक प्रवृ ...और पढ़ें

    Rahu Gochar 2025: मीन राशि के जातकों पर साढ़े साती का दूसरा चरण कब शुरू होगा ?
    Rahu Gochar 2025: मीन राशि के जातकों पर साढ़े साती का दूसरा चरण कब शुरू होगा ?

    HighLights

    1. वर्तमान समय में केतु कन्या राशि में विराजमान हैं।
    2. देवगुरु बृहस्पति राशि चक्र की दूसरी राशि वृषभ में उपस्थित हैं।
    3. न्याय के देवता शनिदेव वर्तमान समय में कुंभ राशि में विराजमान हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Ketu Gochar 2024: राशि चक्र की अंतिम राशि मीन है। इस राशि के स्वामी देवताओं के गुरु देवगुरु बृहस्पति हैं। वहीं, आराध्य जगत के पालनहार भगवान विष्णु हैं। इस राशि का शुभ रंग हरा होता है। वहीं, शुभ दिन बृहस्पतिवार, सोमवार तथा मंगलवार हैं। जबकि, शुभ रत्न पुखराज है। अतः मीन राशि के जातक पुखराज रत्न धारण कर सकते हैं। साथ ही शुभ अंक 9, 12 है। ज्योतिषियों की मानें तो वर्तमान समय में मीन राशि के जातकों पर साढ़े साती का प्रथम चरण चल रहा है। साथ ही राहु भी मीन राशि में विराजमान हैं। इसके चलते मीन राशि के जातकों को जीवन में विषम परिस्थिति से गुजरना पड़ रहा है। अगर आपकी राशि भी मीन हैं, तो साढ़े साती और राहु के दुष्प्रभाव से बचाव के लिए ये उपाय करें।

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    राहु गोचर

    राहु और केतु मायावी ग्रह हैं। राहु या केतु के गोचर से जातक के स्वभाव और चिंतन शैली में भी बदलाव देखने को मिलता है। सुखों के देव कारक शुक्र देव मीन राशि में उच्च के होते हैं। अतः मीन राशि के जातकों को हमेशा शुभ फल देते हैं। वहीं, देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा मीन राशि के जातकों पर बरसती रहती है। इसके लिए मीन राशि के जातक धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। हालांकि, राहु के गोचर के चलते मीन राशि के जातकों को जीवन में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।  

    राहु कब करेंगे कुंभ में गोचर ?

    ज्योतिषियों की मानें तो मायावी ग्रह राहु 17 मई, 2025 तक मीन राशि में रहेंगे। इसके अगले दिन यानी 18 मई को संध्याकाल 07 बजकर 35 मिनट पर मीन राशि से निकलकर कुंभ राशि में गोचर करेंगे। कुंभ राशि में गोचर करने के साथ ही मीन राशि के जातकों को राहु के गोचर से मुक्ति मिल जाएगी।

    उपाय

    • मीन राशि के जातक राहु के प्रभाव को कम करने के लिए रोजाना स्नान-ध्यान के बाद जल में हल्दी मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से कुंडली में गुरु मजबूत होगा।
    • ज्योतिषियों की मानें तो विष्णु चालीसा के पाठ से भी राहु और केतु का प्रभाव समाप्त हो जाता है। अतः मीन राशि के जातक रोजाना पूजा के समय विष्णु चालीसा का पाठ करें।
    • मीन राशि की लड़कियां गुरुवार का व्रत अवश्य करें। इससे कुंडली में गुरु मजबूत होगा। साथ ही राहु एवं शनि का प्रभाव खत्म होगा।
    • मीन राशि के जातक गुरुवार के दिन पीले चीजों का दान करें। आप पीले वस्त्र, चने की दाल, बेसन, लड्डू आदि चीजों का दान करें।
    • भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए रोज स्नान-ध्यान के बाद दूध में केसर मिलाकर भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से मनचाहा वर मिलता है।

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