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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Surya Gochar 2024: सावन में इन 4 राशियों पर बरसेगी सूर्य देव की कृपा, बन जाएंगे सारे बिगड़े काम

    By Pravin KumarEdited By: Pravin Kumar
    Updated: Mon, 15 Jul 2024 02:29 PM (IST)

    ज्योतिषियों की मानें तो वर्तमान समय में देवगुरु बृहस्पति वृषभ राशि में विराजमान हैं। इस राशि में देवगुरु बृहस्पति 14 मई 2025 तक रहेंगे। वहीं न्याय के ...और पढ़ें

    Surya Gochar in Sawan 2024: कब करेंगे सूर्य देव राशि परिवर्तन?
    Surya Gochar in Sawan 2024: कब करेंगे सूर्य देव राशि परिवर्तन?

    HighLights

    1. सावन का महीना देवों के देव महादेव को अति प्रिय है।
    2. इस महीने में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा की जाती है।
    3. सावन सोमवार व्रत करने से व्रती की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Surya Gochar 2024: सावन का महीना देवों के देव महादेव को समर्पित होता है। इस महीने में भगवान रुद्र की पूजा और भक्ति की जाती है। साथ ही उनके निमित्त सोमवार का व्रत का रखा जाता है। भगवान शिव को रुद्र भी कहा जाता है। इसका आशय दुखहर्ता है। आसान शब्दों में कहें तो भगवान शिव की पूजा करने से साधक या व्यक्ति के जीवन में व्याप्त समस्त प्रकार के दुख और संकट दूर हो जाते हैं। साथ ही हर एक मनोकामना पूरी होती है। अतः भक्तजन सावन में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करते हैं। ज्योतिषियों की मानें तो सावन प्रारंभ होने से पूर्व सूर्य देव अपनी राशि परिवर्तन करेंगे। इससे राशिचक्र की सभी राशियों पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। इनमें 4 राशि के जातक अधिक लाभान्वित होंगे। इन 4 राशियों पर सावन महीने में सूर्य देव की विशेष कृपा बरसेगी। आइए जानते हैं-

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    सूर्य गोचर

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 16 जुलाई को सूर्य देव कर्क राशि में विराजमान होंगे। इस दौरान 19 जुलाई को पुष्य नक्षत्र में गोचर करेंगे। वहीं, 2 अगस्त को अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 16 अगस्त को मघा नक्षत्र में गोचर करेंगे। सूर्य देव 15 अगस्त तक कर्क राशि में रहेंगे। इसके अगले दिन यानी 16 अगस्त को सिंह में प्रवेश करेंगे। कुल मिलाकर सावन महीने में सूर्य देव कर्क राशि में विराजमान रहेंगे।

    वृषभ राशि

    सावन का महीना वृषभ राशि के लिए बेहद शुभ साबित होने वाला है। इस राशि पर न केवल देवगुरु बृहस्पति की कृपा बरसेगी, बल्कि सूर्य देव की भी असीम कृपा बनी रहेगी। सूर्य देव एवं देवगुरु बृहस्पति की कृपा से वृषभ राशि के जातकों को सावन में मन मुताबिक सफलता मिलेगी। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। कारोबार में भी तरक्की देखने को मिल सकती है। सावन महीने में कच्चे दूध से भगवान शिव का अभिषेक करें।

    मिथुन राशि

    कर्क राशि के गोचर के दौरान सूर्य देव मिथुन राशि के आय भाव में विराजमान होंगे। इस राशि के स्वामी ग्रहों के राजकुमार बुध देव हैं और आराध्य देवों के देव महादेव के पुत्र भगवान गणेश हैं। बुध देव आत्मा के कारक सूर्य देव के मित्र ग्रह हैं। अतः सूर्य देव की कृपा मिथुन राशि के जातकों पर हमेशा बरसती है। सावन में मिथुन राशि के जातकों को धन लाभ हो सकता है। कारोबार को नया आयाम मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन मिल सकता है। गंगाजल में साबुत मूंग मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।

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    कन्या राशि

    सूर्य देव राशि परिवर्तन के दौरान कन्या राशि के आय भाव में विराजमान होंगे। कन्या राशि के स्वामी बुध देव हैं और आराध्य भगवान गणेश हैं। आय भाव में सूर्य के गोचर से कन्या राशि के जातकों को सावन महीने में विशेष धन लाभ हो सकता है। रुके हुए सभी कार्य संपन्न होंगे। विशेषकर कारोबार से संबंधित हर कार्य में सफलता मिलेगी। निवेश करने के लिए पार्टनर भी मिल सकते हैं। सावन सोमवार पर गंगाजल या दूध में बेलपत्र मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें।

    तुला राशि

    तुला राशि के स्वामी शुक्र देव हैं और आराध्या जगत जननी मां पार्वती हैं। इस राशि पर भगवान शिव की असीम कृपा रहती है। सावन माह के दौरान सूर्य देव तुला राशि के करियर भाव में विराजमान रहेंगे। इस भाव के स्वामी शनिदेव होते हैं। शनिदेव और शुक्र देव के आराध्य भगवान शिव हैं। अतः सावन महीने में भगवान शिव की पूजा करने से सभी बिगड़े काम बन जाएंगे। कारोबार से जुड़े जातकों को नया काम मिल सकता है। नौकरी पेशा से जुड़े लोगों को प्रमोशन मिल सकता है। शुद्ध घी या शुद्ध दही से सावन सोमवार पर भगवान शिव का अभिषेक करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।