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    8 जून से इन राशियों का चमकेगा भाग्य, सूर्य के मृगशिरा नक्षत्र में जाते ही बिजनेस में मिलेगी बड़ी कामयाबी 

    Updated: Sun, 07 Jun 2026 10:55 AM (IST)

    सूर्यदेव का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर 8 जून 2026 से शुरू होगा, जो वृषभ और मिथुन राशि में दो चरणों में होगा। यह गोचर मेष से कन्या राशि तक के जातकों पर व ...और पढ़ें

    सूर्य देव का नक्षत्र का राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव? (Picture Credit AI- Generated Image)

    सूर्य देव का नक्षत्र का राशियों पर क्या पड़ेगा प्रभाव? (Picture Credit AI- Generated Image) 

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    आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। सूर्यदेव का यह गोचर दो प्रमुख चरणों में विभाजित है। प्रथम चरण 8 जून 2026 से 15 जून 2026 तक रहेगा, जिसके दौरान सूर्यदेव वृषभ राशि में स्थित रहेंगे। यह अवधि स्थिरता, आर्थिक चिन्तन और व्यावहारिक कार्यों के लिए अत्यंत उपयुक्त है।

    द्वितीय चरण 15 जून 2026 से प्रारंभ होगा, जब सूर्यदेव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन राशि में सूर्यदेव का आगमन संचार, नेटवर्किंग, सीखने की क्षमता और नई पहल करने की शक्ति को बढ़ाता है। मृगशिरा नक्षत्र में होने के कारण यह पूरे महीने का समय खोज और अन्वेषण के लिए समर्पित रहेगा। ऐसे में आइए एस्ट्रोलॉजर आनंद सागर पाठक से जानते हैं कि इस गोचर का मेष से कन्या पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

    Surya nakshatra gochar 2026 (1)

    (Picture Credit AI- Generated Image) 

    1. मेष राशि: सूर्यदेव का गोचर आपके द्वितीय भाव से शुरू होकर तृतीय भाव तक जाएगा। पहले चरण में आपका ध्यान परिवार की आवश्यकताओं और संचित धन की सुरक्षा पर रहेगा। 15 जून के बाद, सूर्यदेव आपके तृतीय भाव में आएंगे, जिससे आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आपके संचार कौशल में एक अलग चमक देखने को मिलेगी।
    उपाय: प्रतिदिन प्रातःकाल सूर्यदेव को जल अर्पित करें और "ॐ घृणि सूर्याय नमः" का जाप करें।

    2. वृषभ राशि: यह गोचर आपके प्रथम भाव से शुरू होकर द्वितीय भाव तक जा रहा है। पहले चरण में आपका आत्मविश्वास उच्च स्तर पर रहेगा। 15 जून के बाद, सूर्यदेव आपके द्वितीय भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आर्थिक विषयों और पारिवारिक संपत्तियों पर चर्चाएं बढ़ सकती हैं।
    उपाय: अपने कार्यों में विनम्रता रखें। रविवार के दिन किसी निर्धन व्यक्ति को गुड़ का दान करें।

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    3. मिथुन राशि: सूर्यदेव का गोचर द्वादश भाव से शुरू होकर आपके प्रथम भाव में होगा। पहले चरण में आप आत्म-चिंतन की स्थिति में रहेंगे। 15 जून के बाद, सूर्यदेव आपकी राशि में प्रवेश करेंगे, जिससे आपके व्यक्तित्व में एक अलग ही ओज और नेतृत्व क्षमता दिखेगी।
    उपाय: नियमित ध्यान का अभ्यास करें। रविवार के दिन तांबे के पात्र का दान करें।

    4. कर्क राशि: सूर्यदेव का गोचर एकादश भाव से शुरू होकर द्वादश भाव में होगा। पहले चरण में आपके लाभ के नए मार्ग खुलेंगे और सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी। 15 जून के बाद, सूर्यदेव द्वादश भाव में जाएंगे, जहां आपको व्ययों के नियोजन पर ध्यान देना होगा।
    उपाय: रविवार के दिन गेहूं का दान करें और सूर्यदेव के मंत्र का जाप करें।

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    5. सिंह राशि: सूर्यदेव का गोचर दशम भाव से शुरू होकर एकादश भाव में होगा। कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा और प्रभाव बढ़ेगा। 15 जून के बाद, सूर्यदेव एकादश भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आपकी महत्वकांक्षाओं की पूर्ति होगी।
    उपाय: उगते हुए सूर्यदेव को जल का अर्घ्य दें। रविवार को लाल पुष्प अर्पित करना शुभ रहेगा।

    6. कन्या राशि: सूर्यदेव नवम भाव से गोचर करते हुए दशम भाव में प्रवेश करेंगे। पहले चरण में आपको अपने गुरुओं से सीखने का अवसर मिलेगा। 15 जून के बाद, दशम भाव में सूर्यदेव का आना आपके करियर को नई गति प्रदान करेगा।
    उपाय: अपने गुरुओं और मार्गदर्शकों का आशीर्वाद लें। रविवार को गुड़ और चने की दाल का दान करें।

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    लेखक: श्री आनंद सागर पाठक, astropatri.com, फीडबैक के लिए लिखें: hello@astropatri.com