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    सूर्य-गुरु की युति का असर क्या होता है? पढ़ें जुलाई में बनने वाले इस शुभ संयोग की पूरी कहानी

    Updated: Wed, 08 Jul 2026 07:12 PM (IST)

    देवगुरु बृहस्पति और सूर्य की युति से 16 जुलाई को आदित्य राज योग बन रहा है, जो जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। यह महासंयोग मेष, कर्क, मकर और मीन राशियो ...और पढ़ें

    16 जुलाई को बन रहा सूर्य गुरु युति का महासंयोग राशियों पर शुभ प्रभाव (Picture Credit: AI Generated)

    16 जुलाई को बन रहा सूर्य गुरु युति का महासंयोग राशियों पर शुभ प्रभाव (Picture Credit: AI Generated)

    HighLights

    1. सूर्य-गुरु की युति से आदित्य राज योग का निर्माण।

    2. 16 जुलाई को बन रहा यह शुभ महासंयोग।

    3. मेष, कर्क, मकर, मीन राशियों को मिलेगा लाभ।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। किसी भी ग्रह की युति एक महासंयोग का निर्माण करती है जिससे राशियों के जीवन में भी कई तरह के प्रभाव होते हैं। ऐसे ही देवगुरु बृहस्पति और सूर्य की युति को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और इससे आने वाले जीवन में सकारात्मक प्रभाव होते हैं।

    इन दोनों ग्रहों की युति आदित्य राज योग का निर्माण करती है जिससे जीवन में कई तरह के बदलाव होने लगते हैं। सूर्य-गुरु की युति आपको अच्छी समझ और आध्यात्मिक झुकाव का आशीर्वाद देती है।

    इस साल 16 जुलाई को यह महासंयोग बनने जा रहा है जिससे भाग्योदय के संकेत हैं। आइए आपको बताते हैं सूर्य-गुरु के बारे में और इसके शुभ प्रभावों के बारे में विस्तार से।

    क्या होती है सूर्य-गुरु की युति?

    सूर्य को आत्मा, व्यक्तित्व, पिता, प्रतिष्ठा और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। वहीं गुरु बृहस्पति को ज्ञान और समझ का ग्रह कहा जाता है।

    यह विकास, विस्तार, समृद्धि, आरोग्य, सौभाग्य, उच्च शिक्षा और आध्यात्मिकता का प्रतिनिधित्व करता है। ज्योतिष में जब इन दो ग्रहों का समायोजन होता है तो एक शुभ संयोग बनता है जो जीवन में शुभ फल प्रदान करता है। सूर्य और बृहस्पति की युति का अर्थ यह होता है कि किसी व्यक्ति की कुंडली में सूर्य स्वयं, आत्मा, अहंकार, आत्म-सम्मान और जीवन के लक्ष्य का प्रतिनिधित्व करें और बृहस्पति ज्ञान, आध्यात्मिक झुकाव, अच्छी समझ, बुद्धि, भक्ति और करुणा जैसे गुणों को उच्चता से दिखाएं।

    कब होती है सूर्य-गुरु की युति?

    सूर्य और बृहस्पति की युति साल में एक बार होता है, जब पृथ्वी, सूर्य और बृहस्पति एक सीधी रेखा में आ जाते हैं और बृहस्पति सूर्य के दूसरी ओर मौजूद होते हैं। यह घटना लगभग हर 12 से 13 महीनों में होती है, जब पृथ्वी अपनी कक्षा पूरी करके बृहस्पति की स्थिति तक पहुंच जाती है। सूर्य और गुरु के एक साथ एक ही राशि में गोचर इस घटना को परिणाम देता है और इससे बनने वाला योग जिसे गुरु आदित्य योग भी कहा जाता है, वह अत्यंत शुभ माना जाता है।

    इस साल 2026 में कब हो रही है सूर्य-गुरु की युति?

    इस साल सूर्य और गुरु की युति 16 जुलाई को हो रही है और इस दौरान ग्रहों के राजा सूर्य 11:44 बजे कर्क राशि में प्रवेश करेंगे जिसमें गुरु, ज्ञान, सुख-सौभाग्‍य के कारक गुरु पहले से मौजूद हैं। इस युति से गुरु आदित्‍य राजयोग का निर्माण हो रहा है जिसका प्रभाव मेष, कर्क, मकर और मीन राशियों पर होने वाला है। यह योग इस सभी राशियों को अपार सफलता और यश देने वाला माना जा रहा है और कर्क राशि में यह योग 17 अगस्‍त तक बना रहेगा जिससे मुख्य रूप से कर्क राशि के लिए धन लाभ के साथ भाग्योदय के योग बनेंगे।

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    सूर्य-गुरु की युति को राशियों के लिए बहुत शुभ माना जाता है और ये जीवन में सकारात्मक संकेत लेकर आती है। इस साल 16 जुलाई को यह शुभ संयोग बनने जा रहा है जो कुछ राशियों का भाग्योदय करेगा।

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