भारत के 5 पवित्र धार्मिक स्थल, जहां हर धर्म के लोग टेकते हैं मत्था
भारत में कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जहाँ सभी धर्मों के लोग सद्भाव के साथ दर्शन करने और मन्नतें मांगने ...और पढ़ें

सर्वधर्म मन्नत स्थल

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत जिसे विभिन्नताओं का देश भी कहा जाता है, यहां सभी धर्म के लोग एकता के साथ रहते हैं। जहां हिंदू रोजाना मंदिरों में पूजा-पाठ के लिए जाते हैं, वहीं मुस्लिम नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद, सिख गुरुद्वारा, ईसाई धर्म में आस्था रखने वाले लोग चर्च और जैन धर्म से जुड़े लोग जैन मंदिर जाते हैं।
लेकिन भारत में कुछ ऐसे भी धार्मिक स्थल हैं जहां सभी धर्म के लोग सद्भाव के साथ दर्शन करने के साथ मन्नत मांगते हैं। आइए जानते हैं इन पवित्र धार्मिक स्थलों के बारे में।

अजमेर शरीफ दरगाह
राजस्थान के अजमेर में अजमेर शरीफ की दरगाह जो सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती का तीर्थस्थल है। ख्वाजा साहब की धर्म निरपेक्ष शिक्षाओं की वजह से ही इस दरगाह के दरवाजे सभी धर्मों, जातियों और आस्थावान लोगों के लिए खुले रहते हैं।
दरगाह में अंदर जाने पर चांदी के बने हुए कई विशाल दरवाजों को पार करने के बाद एक बड़े आंगन में संत की समाधि बनी हुई है। यह दरगाह न सिर्फ मुस्लिम बल्कि हिंदू और अन्य सभी धर्मों से जुड़े लोगों के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र मानी जाती है, जहां मन्नत का धागा बांधने के लिए देश-विदेश से लोग आते हैं।

शिरडी साईं बाबा मंदिर
महाराष्ट्र के शिरडी में स्थित है शिरडी साई बाबा का मंदिर जहां दुनियाभर लोग दर्शन के लिए आते हैं। बताया जाता है कि, सन् 1858 में साई बाबा शिरडी आए थे। बाबा का धर्म, जाति, पंथ, मूल और नाम आज भी रहस्य बना हुआ है।
बाबा की शिक्षाएं श्रद्धा, सबूरी, शांति, अंतरधार्मिक सद्भाव, समानता और सबका स्वामी एक है पर आधारित थी। यहां संत साईं बाबा को मानने वाले प्रत्येक धर्म (हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई) के लोग बाबा के दर्शन के साथ मन्नत मांगने आते हैं।

स्वर्ण मंदिर
भारत के अमृतसर में स्थित श्री दरबार साहिब (स्वर्ण मंदिर) जो न सिर्फ सिखों के लिए प्रमुख धार्मिक स्थल है, बल्कि बंधुत्व, समानता और मानवता का भी प्रतीक है। स्वर्ण मंदिर प्रत्येक जाति, धर्म और नस्ल के लोगों के लिए हमेशा खुले रहते हैं।
चाहे आप एक निष्ठावान सिख हों या किसी भी अन्य धर्म से आए आंगतुक आपका यहां समान रूप से स्वागत होता है। मंदिर में प्रवेश पूरी तरह से निशुल्क है और धर्म के आधार पर किसी भी तरह का प्रतिबंध नहीं है।

वेलंकन्नी चर्च
तमिलनाडु में स्थित है वेलंकन्नी चर्च जो माता वेलंकन्नी को समर्पित है। इस चर्च में ईसाई धर्म के अलावा बड़ी संख्या में हिंदू और मुस्लिम लोग भी सेहत और प्रार्थना के लिए मन्नत मांगने आते हैं। हर साल सितंबर महीने के दौरान अवर लेडी ऑफ गुड हेल्थ के उत्सव के दौरान यहां काफी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिलती है।

हाजी अली दरगाह
मुंबई में स्थित है हाजी अली दरगाह वर्ली तट के नजदीक एक छोटे से द्वीप पर स्थित है एक मस्जिद और दरगाह है। समुद्र के बीचों-बीच स्थित होने के बाद भी यहां सभी धर्मों के अनुयायी अपनी मुरादें लेकर आते हैं।
यह भी पढ़ें- फूल-मिठाई नहीं, भारत के इन अनोखे मंदिरों में मन्नत पूरी होने पर चढ़ाते हैं रिज्यूम, लौकी और घंटियां
यह भी पढ़ें- सूर्यास्त के बाद वीरान हो जाता है 900 मंदिरों वाला यह पर्वत, रात में क्यों है इंसानों की 'नो एंट्री'?
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।
