Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Achaleshwar Mahadev Temple: बेहद चमत्कारी है अचलेश्वर महादेव मंदिर, जानिए इसका महत्व

    Updated: Mon, 24 Mar 2025 03:29 PM (IST)

    अचलेश्वर महादेव मंदिर ग्वालियर के सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि यह प्राचीन भ ...और पढ़ें

    Achaleshwar Mahadev Temple: अचलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास।
    Achaleshwar Mahadev Temple: अचलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास।

    HighLights

    1. सोमवार का दिन भगवान शिव की पूजा के लिए समर्पित है।
    2. शिव पूजन से शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
    3. शिव जी की पूजा से सभी परेशानियों का अंत होता है।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सोमवार के दिन का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है, क्योंकि यह दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। आज हम इस पावन दिन पर एक ऐसे मंदिर के बारे में बताएंगे, जिसके दर्शन से व्यक्ति के भाग्य खुल जाते हैं। दरअसल, हम बात कर रहे हैं ग्वालियर में स्थित अचलेश्वर महादेव मंदिर की, जो बहुत प्राचीन और चमत्कारिक मंदिर है। यह मंदिर (Achaleshwar Mahadev Temple) भगवान शिव को समर्पित है और अपनी अनूठी विशेषताओं के लिए जाना जाता है।

    अचलेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास

    इस मंदिर का इतिहास सदियों पुराना है। ऐसा बताया जाता है कि यह मंदिर महाभारत काल से भी जुड़ा हुआ है। मंदिर के वर्तमान स्वरूप का निर्माण कई चरणों में हुआ है, लेकिन इसकी प्राचीनता आज भी भक्तों को अपनी तरफ आकर्षित करती है।

    चमत्कारिक है यहां का शिवलिंग

    इस मंदिर की सबसे बड़ी विशेषता इसका शिवलिंग है, जिसके बारे में मान्यता है कि इसे हटाने की कई कोशिशें की गईं, लेकिन कोई भी इसे हिला नहीं सका। कहते हैं कि एक बार एक राजा ने इसे हटाने के लिए हाथियों का भी प्रयोग किया, लेकिन शिवलिंग टस से मस नहीं हुआ। इसी वजह से शिवलिंग को अचलेश्वर नाम दिया गया है, जिसका मतलब है कि अचल आसान शब्दों में कहा जाए तो स्थिर।

    पूरी होती हैं सभी मुरादें

    ऐसा माना जाता है कि अचलेश्वर महादेव मंदिर में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना पूरी होती है। इसलिए यह मंदिर ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल बन गया है।

    खबरें और भी

    धार्मिक महत्व

    यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसका ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। इसकी खूबसूरती हर किसी का ध्यान अपनी ओर खींचती है। वहीं, इस मंदिर में सवा लाख किलो का घंटा भी स्थापित है। इस पवित्र धाम में रोजाना हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन करने आते हैं, खासकर महाशिवरात्रि के दौरान यहां भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है, जिसका नजारा देखने लायक होता है।

    यह भी पढ़ें: Papmochani Ekadashi 2025: पापमोचनी एकादशी पर इन 3 जगहों पर जलाएं दीपक, दूर होगा दुख-दर्द का अंधेरा

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।