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एक ऐसा मंदिर जहां हनुमान जी ने धारण किया है स्त्री का रूप, कहां है ये अनोखा धाम?

Published: Sat, 22 Aug 2026 07:10 PM (IST)

भारत के एकमात्र मंदिर में हनुमान जी की पूजा स्त्री रूप में होती है। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित गिरजाबंध हनुमान ...और पढ़ें

रतनपुर का अनोखा हनुमान मंदिर ।  (Picture Credit- AI Generated)

रतनपुर का अनोखा हनुमान मंदिर । (Picture Credit- AI Generated)

HighLights

  1. रतनपुर के गिरजाबंध हनुमान मंदिर में स्त्री रूप में पूजा।

  2. बजरंगबली की प्रतिमा का होता है सोलह श्रृंगार।

  3. राजा पृथ्वीदेव जू के सपने में मिले थे हनुमान जी।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। भारत में भगवान हनुमान के कई प्रसिद्ध और प्राचीन मंदिर हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित एक मंदिर अपनी अनोखी मान्यता की वजह से दुनियाभर में लोकप्रिय है। रतनपुर की गिरजाबंध में स्थित गिरजाबंध हनुमान मंदिर में बजरंगबली की पूजा पुरुष रूप में नहीं, बल्कि स्त्री रूप में की जाती है। यहां भक्त हनुमान जी का 16 श्रृंगार भी करते हैं। चलिए इस मंदिर से जुड़ी रोचक बातें जानते हैं।

कहां स्थित है यह अनोखा मंदिर?

यह मंदिर रतनपुर में स्थित है। मंदिर को गिरजाबंध हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता है। इस मंदिर में विराजमान हनुमान जी की प्रतिमा दिखने में बहुत ही अनोखी है। इस प्रतिमा को देखकर कोई भी धोखा खा जाएगा कि यह कोई देवता हैं या देवी।

राजा को सपने में मिले हनुमान जी

स्थानीय लोगों की मान्यताओं के अनुसार, रतनपुर के सूर्यवंशी राजा पृथ्वीदेव जू हनुमान जी के परम भक्त थे। बताया जाता है कि राजा को एक बार गंभीर बीमारी हो गई। उनकी जान तक पर बन आई। जब वह बीमारी से लड़ रहे थे तब एक रात हनुमान जी ने उन्हें सपने में दर्शन दिए और मंदिर बनवाने का आदेश दिया। राजा ने भगवान के आदेश को मानते हुए मंदिर का निर्माण करवाया। मंदिर तो बन गया, मगर हनुमान जी की प्रतिमा कैसी हो इसे लेकर राजा बहुत परेशान थे। मगर एक रात फिर से हनुमान जी ने राजा को सपने में दर्शन दिए।

दूसरे स्वप्न में हनुमान जी ने राजा को महामाया कुंड से अपनी प्रतिमा निकालकर मंदिर में स्थापित करने के लिए कहा। राजा के दरबारियों ने जब कुंड में जाकर प्रतिमा निकाली, तो उसे देखकर वे हैरान रह गए। कुंड से प्राप्त प्रतिमा हनुमान जी के स्त्री स्वरूप में थी। राजा ने इसे भगवान का आदेश मानकर उसी प्रतिमा को मंदिर में स्थापित कर दिया। कहा जाता है कि इसके बाद राजा की बीमारी भी ठीक हो गई।

स्त्री रूप में होता है 16 श्रृंगार

इस मंदिर की सबसे खास बात यहां होने वाली पूजा है। भक्त हनुमान जी के इस नारी स्वरूप का नियमित रूप से श्रृंगार करते हैं। उन्हें महिलाओं की तरह 16 श्रृंगार अर्पित किए जाते हैं और विशेष पूजा की जाती है। इस प्रतिमा में हनुमान जी के कंधे पर भगवान श्रीराम और माता सीता भी विराजमान हैं।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।