विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

Dhundhiraja Chaturthi के दिन करें भगवान गणेश के इन मंत्रों का जप, बनेंगे बिगड़े काम

Published: Tue, 17 Feb 2026 01:17 PM (IST)

फाल्गुन माह की ढुण्ढिराज चतुर्थी पर भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन गणपति बप्पा को मोदक ...और पढ़ें

इस तरह प्राप्त करें भगवान गणेश की कृपा (Image Source: AI-Generated)

इस तरह प्राप्त करें भगवान गणेश की कृपा (Image Source: AI-Generated)

HighLights

  1. फाल्गुन की ढुण्ढिराज चतुर्थी पर गणेश पूजा का विशेष महत्व है।

  2. गणपति बप्पा की पूजा से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

  3. गणेश के 108 नामों का जप बिगड़े काम बनाता है।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर ढुण्ढिराज चतुर्थी मनाई जाती है। इस दिन भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। साथ ही प्रभु को मोदक और फल समेत आदि चीजों का भोग लगाया जाता है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, ढुण्ढिराज चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। साथ ही जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, फाल्गुन में 21 फरवरी को फाल्गुन की ढुण्ढिराज चतुर्थी मनाई जाएगी।

अगर आप भी भगवान गणेश की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं, तो ढुण्ढिराज चतुर्थी के दिन भगवान गणेश के 108 नामों का जप करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इन मंत्रों का जप करने से बिगड़े काम पूरे होते हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।

भगवान गणेश के 108 नाम (Bhagwan Ganesh ke 108 Naam)

  1. ॐ गजाननाय नमः।
  2. ॐ गणाध्यक्षाय नमः।
  3. ॐ विघ्नराजाय नमः।
  4. ॐ विनायकाय नमः।
  5. ॐ द्वैमातुराय नमः।
  6. ॐ द्विमुखाय नमः।
  7. ॐ प्रमुखाय नमः।
  8. ॐ सुमुखाय नमः।
  9. ॐ कृतिने नमः।
  10. ॐ सुप्रदीपाय नमः।
  11. ॐ सुखनिधये नमः।
  12. ॐ सुराध्यक्षाय नमः।
  13. ॐ सुरारिघ्नाय नमः।
  14. ॐ महागणपतये नमः।
  15. ॐ मान्याय नमः।
  16. ॐ महाकालाय नमः।
  17. ॐ महाबलाय नमः।
  18. ॐ हेरम्बाय नमः।
  19. ॐ लम्बजठरायै नमः।
  20. ॐ ह्रस्व ग्रीवाय नमः।
  21. ॐ महोदराय नमः।
  22. ॐ मदोत्कटाय नमः।
  23. ॐ महावीराय नमः।
  24. ॐ मन्त्रिणे नमः।
  25. ॐ मङ्गल स्वराय नमः।
  26. ॐ प्रमधाय नमः।
  27. ॐ प्रथमाय नमः।
  28. ॐ प्राज्ञाय नमः।
  29. ॐ विघ्नकर्त्रे नमः।
  30. ॐ विघ्नहर्त्रे नमः।
  31. ॐ विश्वनेत्रे नमः।
  32. ॐ विराट्पतये नमः।
  33. ॐ श्रीपतये नमः।
  34. ॐ वाक्पतये नमः।
  35. ॐ शृङ्गारिणे नमः।
  36. ॐ अश्रितवत्सलाय नमः।
  37. ॐ शिवप्रियाय नमः।
  38. ॐ शीघ्रकारिणे नमः।
  39. ॐ शाश्वताय नमः।
  40. ॐ बल नमः।
  41. ॐ बलोत्थिताय नमः।
  42. ॐ भवात्मजाय नमः।
  43. ॐ पुराण पुरुषाय नमः।
  44. ॐ पूष्णे नमः।
  45. ॐ पुष्करोत्षिप्त वारिणे नमः।
  46. ॐ अग्रगण्याय नमः।
  47. ॐ अग्रपूज्याय नमः।
  48. ॐ अग्रगामिने नमः।
  49. ॐ मन्त्रकृते नमः।
  50. ॐ चामीकरप्रभाय नमः।
  51. ॐ सर्वाय नमः।
  52. ॐ सर्वोपास्याय नमः।
  53. ॐ सर्व कर्त्रे नमः।
  54. ॐ सर्वनेत्रे नमः।
  55. ॐ सर्वसिद्धिप्रदाय नमः।
  56. ॐ सिद्धये नमः।
  57. ॐ पञ्चहस्ताय नमः।
  58. ॐ पार्वतीनन्दनाय नमः।
  59. ॐ प्रभवे नमः।
  60. ॐ कुमारगुरवे नमः।
  61. ॐ अक्षोभ्याय नमः।
  62. ॐ कुञ्जरासुर भञ्जनाय नमः।
  63. ॐ प्रमोदाय नमः।
  64. ॐ मोदकप्रियाय नमः।
  65. ॐ कान्तिमते नमः।
  66. ॐ धृतिमते नमः।
  67. ॐ कामिने नमः।
  68. ॐ कपित्थपनसप्रियाय नमः।
  69. ॐ ब्रह्मचारिणे नमः।
  70. ॐ ब्रह्मरूपिणे नमः।
  71. ॐ ब्रह्मविद्यादि दानभुवे नमः।
  72. ॐ जिष्णवे नमः।
  73. ॐ विष्णुप्रियाय नमः।
  74. ॐ भक्त जीविताय नमः।
  75. ॐ जितमन्मधाय नमः।
  76. ॐ ऐश्वर्यकारणाय नमः।
  77. ॐ ज्यायसे नमः।
  78. ॐ यक्षकिन्नेर सेविताय नमः।
  79. ॐ गङ्गा सुताय नमः।
  80. ॐ गणाधीशाय नमः।
  81. ॐ गम्भीर निनदाय नमः।
  82. ॐ वटवे नमः।
  83. ॐ अभीष्टवरदाय नमः।
  84. ॐ ज्योतिषे नमः।
  85. ॐ भक्तनिधये नमः।
  86. ॐ भावगम्याय नमः।
  87. ॐ मङ्गलप्रदाय नमः।
  88. ॐ अव्यक्ताय नमः।
  89. ॐ अप्राकृत पराक्रमाय नमः।
  90. ॐ सत्यधर्मिणे नमः।
  91. ॐ सखये नमः।
  92. ॐ सरसाम्बुनिधये नमः।
  93. ॐ महेशाय नमः।
  94. ॐ दिव्याङ्गाय नमः।
  95. ॐ मणिकिङ्किणी मेखालाय नमः।
  96. ॐ समस्त देवता मूर्तये नमः।
  97. ॐ सहिष्णवे नमः।
  98. ॐ सततोत्थिताय नमः।
  99. ॐ विघातकारिणे नमः।
  100. ॐ विश्वग्दृशे नमः।
  101. ॐ विश्वरक्षाकृते नमः।
  102. ॐ कल्याणगुरवे नमः।
  103. ॐ उन्मत्तवेषाय नमः।
  104. ॐ अपराजिते नमः।
  105. ॐ समस्त जगदाधाराय नमः।
  106. ॐ सर्वैश्वर्यप्रदाय नमः।
  107. ॐ आक्रान्त चिद चित्प्रभवे नमः।
  108. ॐ श्री विघ्नेश्वराय नमः।

यह भी पढ़ें- Manorath Chaturthi 2026: कब है मनोरथ चतुर्थी? यहां पता करें शुभ मुहूर्त और योग


अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।