यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 30, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Guru Grah Upay: गुरु को मजबूत करने के लिए करें ये विशेष उपाय, खुल जाएंगे किस्मत के द्वार
Guru Grah Upay विवाहित और अविवाहित महिलाएं गुरुवार का व्रत रखती हैं। इस व्रत के पुण्य प्रताप से साधक के सुख सौभाग्य और आय में वृद्धि होती है। साथ ही ...और पढ़ें

नई दिल्ली, अध्यात्म डेस्क | Guru Grah Upay: गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और देवताओं के गुरु बृहस्पति देव को समर्पित है। इस दिन श्रद्धा भाव से भगवान विष्णु संग बृहस्पति देव की पूजा की जाती है। साथ ही विशेष कार्यों में सिद्धि हेतु गुरुवार का व्रत भी रखा जाता है। विवाहित और अविवाहित महिलाएं गुरुवार का व्रत रखती हैं। इस व्रत के पुण्य प्रताप से साधक के सुख, सौभाग्य और आय में वृद्धि होती है। साथ ही साधक को मनोवांछित फलों की प्राप्ति होती है। वहीं, कुंडली में कमजोर होने से जातक के सुखों में कमी होने लगती है। अगर आपकी कुंडली में गुरु कमजोर है, तो गुरुवार के दिन ये विशेष उपाय जरूर करें। आइए जानते हैं-
गुरुवार के उपाय
1. कुंडली में गुरु को मजबूत करने के लिए गुरुवार के दिन नहाने वाले पानी में एक चुटकी हल्दी मिलाकर स्नान करें। इसके पश्चात, पीले रंग के वस्त्र धारण करें। इस उपाय को हर गुरुवार के दिन करें। ऐसा करने से कुंडली में गुरु मजबूत होता है।
2. अगर आपकी कुंडली में गुरु की स्थिति कमजोर है, तो गुरुवार के दिन व्रत रखें। साथ ही केले के पौधे में जल का अर्घ्य दें। इस उपाय को करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है। इससे करियर और कारोबार में मन मुताबिक सफलता मिलती है।
3. ज्योतिषियों की मानें तो कुंडली में गुरु कमजोर होने से लड़कियों की शादी में बाधा आती है। अगर आपकी शादी में भी बाधा आ रही है, तो शुक्ल पक्ष के प्रथम गुरुवार से बृहस्पति देव की पूजा करें। साथ ही गुरुवार का व्रत करें। इस व्रत को चातुर्मास या मलमास के समय में भूलकर भी प्रारंभ न करें।
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4. अगर आप जगत के पालनहार भगवान विष्णु का आशीर्वाद पाना चाहते हैं, तो गुरुवार के दिन पीली चीजों का दान करें। आप मूंग की दाल, बेसन, चने की दाल आदि चीजों का दान कर सकते हैं।
5. गुरुवार के दिन स्नान-ध्यान करने के बाद केसर मिश्रित दूध से भगवान विष्णु का अभिषेक करें। इस उपाय को करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। उनकी कृपा से साधक के सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं।
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