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    सुहागिनों और कुंवारी कन्याओं का खास पर्व कजरी तीज साल 2026 में कब है? नोट करें पूरी विधि

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 08:04 AM (IST)

    कजरी तीज का पर्व 31 अगस्त 2026 को मनाया जाएगा, जिसमें विवाहित महिलाएं पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। ...और पढ़ें

    कजरी तीज पर्व 2026 (Picture Credit: AI Generated)

    कजरी तीज पर्व 2026 (Picture Credit: AI Generated)

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में तीज का पर्व महिलाओं के बीच काफी मायने रखता है। तीज त्योहार के दौरान विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और वैवाहिक सुख की कामना से कजरी तीज का विधिपूर्वक व्रत रखती हैं।

    विवाहित महिलाओं के अलावा अविवाहित कन्याएं भी योग्य वर की प्राप्ति के लिए इस व्रत को रखती हैं। आइए जानते हैं साल 2026 में कजरी तीज का व्रत कब रखा जाएगा?

    कजरी तीज क्या है?

    हर साल कजरी तीज का व्रत भाद्रपद यानी अगस्त-सितंबर महीने के बीच कृष्ण पक्ष के तीसरे दिन रखा जाता है। कजरी तीज को काजली तीज और बड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। एक साल में कई अन्य तरह की तीज मनाई जाती है, जिसमें हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज और अखा तीज शामिल है।

    साल 2026 में कब मनाई जाएगी कजरी तीज?

    • इस साल कजरी तीज का पर्व 31 अगस्त 2026, सोमवार के दिन मनाई जाएगी।
    • तृतीया तिथि की शुरुआत- 30 अगस्त 2026 को सुबह 9 बजकर 36 मिनट से
    • तृतीया तिथि की समाप्ति- 31 अगस्त 2026 को सुबह 8 बजकर 50 मिनट पर

    कजरी तीज कहां मनाई जाती है?

    कजरी तीज का पर्व उत्तर भारत के राज्यों जैसे- राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, बिहार, और मध्य प्रदेश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाई जाती है। कजरी तीज में विवाहित महिलाएं देवी-पार्वती की पूजा करती हैं।

    कजरी तीज की पूजा कैसे करें?

    कजरी तीज की पूजा संध्याकाल में की जाती है। चाहें तो इस व्रत का पालन महिलाएं अपने मायके में रहकर भी कर सकती है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में कजरी तीज की पूजा विधि में अंतर देखने को मिल सकता है।

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    कजरी तीज के दिन महिलाएं सुबह जल्दी उठती हैं और स्नान करने के बाद शाम तक व्रत का संकल्प लेती हैं।

    शाम को सूर्यास्त होने के बाद महिलाएं कजरी तीज की पूजा करती हैं, व्रत कथा सुनने के बाद ही व्रत तोड़ती है।

    कई महिलाएं इस दिन निर्जला एकादशी का व्रत भी रखती हैं। इस दिन महिलाएं मां पार्वती की पूजा के साथ भगवान शिव की भी पूजा करती हैं।

    इस दिन खासतौर पर नीम के पेड़ की पूजा की जाती है। कजरी तीज के मौके पर महिलाएं तरह-तरह के व्यंजन भी बनाती हैं।

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