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    सावन 2026: शिव पूजा में किस तेल का दीपक जलाना होता है शुभ? स्कंद पुराण में बताए गए हैं जरूरी नियम

    Updated: Thu, 23 Jul 2026 06:30 PM (GMT+05:30)

    सावन में शिव पूजा के दौरान दीपक जलाने का विशेष महत्व है। स्कंद पुराण के अनुसार, कुछ खास तरह के तेल  का दीपक जलाने से महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों ...और पढ़ें

    सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा में दीपक का महत्व (Picture Credits- AI Image)

    सावन के महीने में भगवान शिव की पूजा में दीपक का महत्व (Picture Credits- AI Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन शुरू होने अब कुछ ही दिन बचें हैं, ऐसे में भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए पूजा-पाठ से जुड़े कुछ खास नियमों और संकल्पों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। हिंदू धर्म पूजा-पाठ के दौरान दीपक जलाने का अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना दीपक प्रज्वलित के पूजा-पाठ करना अशुभ माना जाता है।

    ऐसे में 30 जुलाई 2026 से सावन की भव्य शुरूआत होने जा रही है। स्कंद पुराण के मुताबिक, शिवलिंग के सामने चढ़ाए गए दीपक में प्रयोग किया गया अलग-अलग तेल चढ़ावे के आध्यात्मिक गुण पर प्रभाव डालता है।

    कुसुम तेल

    माना जाता है कि, सावन महीने के दौरान जो भी भक्त शिवलिंग के सामने कुसुम के तेल का दीपक जलाता है, उन्हें कैलाश का आशीर्वाद प्राप्त होता है और वे भगवान शिव की मौजूदगी में खुश होते हैं।

    अलसी तेल

    स्कंद पुराण के अनुसार, अलसी के तेल वाला दीपक कुसुम के तेल के ही सामान पुण्य प्रदान करता है। जिस भी भक्त को इस सावन भगवान शिव को प्रसन्न करना है, उन्हें सुबह या शाम में अलसी के तेल का दीपक जरूर जलाना चाहिए।

    तिल का तेल

    हिंदू धर्म में तिल के तेल को अत्यंत शुभ माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि, तिल के तेल का दीपक जलाने से आध्यात्मिक ज्ञान प्राप्त होने के साथ भक्त शिवजी के समीप रहता है। सावन में तिल के तेल का दीपक जलाने से परिवार में खुशहाली बनी रहती है।

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    घी

    घी के दीपक को सभी दीपों में सबसे श्रेष्ठ माना गया है। घी का दीपक भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है,जो अध्यात्म के ऊंचे गुणों से जुड़ा माना जाता है। सावन में कोशिश करनी चाहिए कि सुबह या शाम को भगवान शिव की आरती घी के दीपक से करें।

    कपूर, अगरु और धूप का शिव पूजा में महत्व

    इन तेल और घी के अलावा स्कंद पुराण में पूजा के लिए कुछ अन्य चीजों की भी उतनी ही प्रशंसा की गई है, जितना कि अन्य चीजों का महत्व है।

    कपूर, अगरु, धूप जिसका इस्तेमाल सावन के साथ सामान्य दिनों की शिव पूजा में भी किया जा सकता है। पूजा में इन सभी चीजों का प्रयोग आपको महादेव के करीब ले जाएगा। जो लोग रेगुलर शिव की पूजा रोशनी और खुशबू से करते हैं, वे महादेव की दिव्य मौजूदगी के करीब आते हैं।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।