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    इस सावन महादेव की करें पंचमुखी बेलपत्र से पूजा, पूरी होगी हर मनोकामना

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 08:00 AM (IST)

    सावन में पंचमुखी बेलपत्र से महादेव की पूजा करने का विशेष महत्व है, जिससे सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह बेलपत्र भगवान शिव के पांच मुखों का प्रतीक ह ...और पढ़ें

    पंचमुखी बेलपत्र के उपाय (Picture Credit- AI)

    पंचमुखी बेलपत्र के उपाय (Picture Credit- AI)

    HighLights

    1. पंचमुखी बेलपत्र शिव के पांच मुखों का प्रतीक है

    2. सावन में इसे अर्पित करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं

    3. बेलपत्र पर 'ओम नमः शिवाय' लिखकर चढ़ाएं श्रद्धा से

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीना शुरु होने वाला है। ऐसे में भगवान शिव जिन्हें भोले भंडारी कहते हैं, जिनकी पूजा में किसी खास चीज की जरूरत नहीं होती, उन्हें आप पंचमुखी बेलपत्र को चढ़ाकर खुश कर सकते हैं। शंकर जी की पूजा में बेलपत्र काफी शुभ माना जाता है। साथ ही इसे शिवलिंग पर अर्पित करने के कई सारे लाभ भी मिलते हैं। आइए, जानते हैं कि पंचमुखी बेलपत्र क्या है और इसे शिवलिंग पर अर्पित करने की सही विधि क्या है?

    क्या है पंचमुखी बेलपत्र?

    तीन पत्तियों वाले बेलपत्र को तो आपने देखा होगा, लेकिन पंचमुखी बेलपत्र भी बेहद खास होता है। इसमें एक ही डंठल पर प्राकृतिक रूप से पांच पत्तियां लगी होती है। इसलिए इसका मिलना भी थोड़ा सा मुश्किल हो जाता है। अगर यह कहीं भी प्राप्त होता है, तो इसका अर्थ होता है कि आपने भगवान शिव को पा लिया है। आपको बता दें कि इसका उल्लेख आपको शिव पुराण और अन्य ग्रंथों में भी मिलता है।

    पंचमुखी बेलपत्र का क्या होता है मतलब?

    जैसे तीन पत्तों वाले बेलपत्र का अर्थ होता है ब्रह्मा, विष्णु और महेश। वहीं पंचमुखी बेलपत्र की पत्तियों का मतलब होता है भगवान शिव के पांच मुख जैसे सद्योजात, वामदेव, अघोर, तत्पुरुष और ईशान का स्वरूप। ऐसा कहा जाता है कि जिस भी व्यक्ति को यह बेलपत्र प्राप्त होता है और वो इसे शिवलिंग पर अर्पित करता है, तो उसके ऊपर हमेशा भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और मनोकामना भी पूर्ण होती है।

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    Image Credit- AI

    शिवलिंग पर पंचमुखी बेलपत्र कैसे करें अर्पित?

    • पंचमुखी बेलपत्र को शिवलिंग पर अर्पित करते समय इन बातों का रखें ध्यान।
    • सबसे पहले बेलपत्र को पानी से साफ करें।
    • इस बात का ध्यान रखें कि बेलपत्र खंडित न हो।
    • पंचमुखी बेलपत्र की पांचों पत्तियों पर अनामिका उंगली से ओम नमः शिवाय लिखें।
    • इसके बाद आप इसे शिवलिंग पर अर्पित करें।
    • पंचमुखी बेलपत्र को अर्पित करते समय इसे दोनों हाथों से पकड़कर पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग के ऊपर रखें।
    • बेलपत्र अर्पित करते समय मन ही मन "ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्" या पंचाक्षरी मंत्र "ॐ नमः शिवाय" का उच्चारण अवश्य करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।