Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 24, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Pradosh Vrat 2025: जनवरी के दूसरे प्रदोष व्रत पर भोलेनाथ होंगे प्रसन्न, जरूर करें इस स्तुति का पाठ

    Updated: Fri, 24 Jan 2025 07:14 PM (GMT+05:30)

    हर माह में दो बार प्रदोष व्रत आता है। एक बार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर और दूसरा शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर। इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव की ...और पढ़ें

    Pradosh Vrat 2025 प्रदोष व्रत पर करें नटराज स्तुति का पाठ (Picture Credit: Freepik)
    Pradosh Vrat 2025 प्रदोष व्रत पर करें नटराज स्तुति का पाठ (Picture Credit: Freepik)

    HighLights

    1. हर माह में दो बार किया जाता है प्रदोष व्रत।
    2. शिव जी की आराधना के लिए खास है यह तिथि।
    3. सोमवार के दिन रखा जाएगा माघ का दूसरा प्रदोष व्रत।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जनवरी का दूसरा प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat January 2025), 27 जनवरी, सोमवार के दिन किया जाएगा। सोमवार के दिन पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष व्रत भी कह सकते हैं। प्रदोष व्रत की पूजा के दौरान आप भगवान शिव की विशेष कृपा की प्राप्ति के लिए नटराज स्तुति का पाठ कर सकते हैं।

    प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त (Pradosh Vrat Puja Muhurat)

    इस बार माघ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 26 जनवरी को रात 08 बजकर 54 मिटन पर शुरू होने जा रही है। वहीं इस तिथि का समापन 27 जनवरी को रात 08 बजकर 27 मिनट पर होगा। प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में करना शुभ माना जाता है। ऐसे में प्रदोष व्रत सोमवार, 27 जनवरी 2025 को किया जाएगा। इस दिन पूजा का मुहूर्त कुछ इस प्रकार रहने वाला है -

    सोम प्रदोष व्रत पूजा मुहूर्त - शाम 05 बजकर 56 मिनट से 08 बजकर 34 मिनट तक

    ।। नटराज स्तुति पाठ।। (Natraj Stuti)

    सत सृष्टि तांडव रचयिता

    नटराज राज नमो नमः ।

    हे आद्य गुरु शंकर पिता

    नटराज राज नमो नमः ॥

    गंभीर नाद मृदंगना

    धबके उरे ब्रह्माडना ।

    नित होत नाद प्रचंडना

    नटराज राज नमो नमः ॥

    शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा

    चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां ।

    विषनाग माला कंठ मां

    नटराज राज नमो नमः ॥

    तवशक्ति वामांगे स्थिता

    हे चंद्रिका अपराजिता ।

    चहु वेद गाए संहिता

    नटराज राज नमोः ॥

    मिलते हैं ये लाभ

    प्रदोष व्रत के दिन नटराज स्तुति का पाठ करने से साधक को जीवन में अद्भुत परिणाम देखने को मिलते हैं। इसके पाठ से शिव जी की कृपा से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही व्यक्ति का तनाव भी धीरे-धीरे दूर होने लगता है। ऐसे में आप रोजाना भी इस स्तुति का पाठ कर सकते हैं।

    यह भी पढ़ें - Pradosh Vrat के दिन इन गलतियों से नाराज हो सकते हैं महादेव, जानें क्या करें और क्या न करें?

    करें इन मंत्रों का जप -

    ॐ नमः शिवाय:

    ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् | उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् ||

    ॐ नमः शिवाय गुरुदेवाय नमः

    ॐ शिवलिंगाय नमः

    शिव गायत्री मंत्र - ऊँ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि, तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्।

    महामृत्युंजय मंत्र - ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्

    उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥

    यह भी पढ़ें - Pradosh Vrat के दिन शिव चालीसा से मिलते हैं ये आधात्मिक लाभ, जान लेंगे तो जरूर करेंगे पाठ

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

    खबरें और भी