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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Holi Bhai Dooj 2025: 15 या 16 मार्च कब है होली भाई दूज? तिलक के दौरान इन बातों का रखें ध्यान

    Updated: Sun, 09 Mar 2025 01:08 PM (IST)

    होली भाई दूज का त्योहार हर साल फाल्गुन महीने में आता है। इस मौके पर बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक करती हैं। इसके साथ ही भाई अपनी बहनों की सदैव रक् ...और पढ़ें

    Holi Bhai Dooj 2025: कब है होली भाई दूज?
    Holi Bhai Dooj 2025: कब है होली भाई दूज?

    HighLights

    1. होली भाई दूज का पर्व बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
    2. यह हर साल फाल्गुन महीने में आता है।
    3. इस मौके पर बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक करती हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। होली के तुरंत बाद होली भाई दूज मनाया जाता है। यह पर्व हर साल फाल्गुन महीने की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। हालांकि यह उतना प्रसिद्ध नहीं है, लेकिन कुछ जगह इसे धूमधाम के साथ मनाया जाता है। इस दिन बहनें विशेष भोजन तैयार करती हैं और अपने भाइयों का तिलक करती हैं। वहीं, भाई बदले में उपहार देते हैं और हमेशा रक्षा करने का अमिट वादा करते हैं, तो आइए यहां (Holi Bhai Dooj 2025) पर इससे जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

    15 या 16 मार्च कब है होली भाई दूज? (Holi Bhai Dooj 2025 Shubh Muhurat)

    हिंदू पंचांग के अनुसार, द्वितीया तिथि की शुरुआत 15 मार्च, 2025 की दोपहर 02 बजकर 33 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 16 मार्च 2025 की शाम 04 बजकर 58 मिनट पर होगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल होली भाई दूज का पर्व 16 मार्च 2025, दिन रविवार को ही मनाया जाएगा।

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    तिलक के समय इन बातों को न करें अनदेखा (Holi Bhai Dooj 2025 Tilak Niyam)

    • इस शुभ दिन भाई के माथे पर तिलक करते समय भाई का मुख उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर रहना चाहिए, जबकि बहन का मुख उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए।
    • तिलक के दौरान भाई को लकड़ी की चौकी पर ही बिठाएं, किसी कुर्सी या फिर खड़े होने के दौरान तिलक न करें।
    • तिलक के समय भाई की कलाई पर कलावा जरूर बांधें और उसकी आरती उतारें।
    • शुभ मुहूर्त पर ही तिलक करें।
    • तिलक करने से पहले अपने भाईयों से बहनें उपहार न लें।
    • इस दिन भाई और बहन सात्विक भोजन ही करें।
    • इस मौके पर तामसिक चीजों से दूर रहें।
    • इस दिन भाई-बहन आपस में गलती से भी विवाद न करें।
    • इस दिन अपनी बहन के साथ दूसरों की बहनों का भी सम्मान करें।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।

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