यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Aaj ka Panchang 11 January 2025: प्रदोष व्रत पर बन रहे हैं कई शुभ योग, पंचांग से जानें शुभ मुहूर्त
आज यानी 11 जनवरी को प्रदोष व्रत किया जा रहा है। मान्यता है कि प्रदोष व्रत की पूजा संध्याकाल में करने से जातक को सभी भय से छुटकारा मिलता है। आज यानी पौ ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पौष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी और त्रयोदशी तिथि आज यानी 11 जनवरी को है। त्रयोदशी तिथि पर प्रदोष व्रत किया जाता है। इस दिन भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है। इसके अलावा आज शनि त्रयोदशी, रोहिणी व्रत भी है। ऐसे में चलिए पंडित हर्षित शर्मा जी से जानते हैं आज का पंचांग और शुभ मुहूर्त (Today Puja Time) के विषय में।
आज का पंचांग (Aaj ka Panchang 11 January 2025)
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
सूर्योदय - सुबह 07 बजकर 15 मिनट पर
सूर्यास्त - शाम 05 बजकर 43 मिनट पर
चंद्रोदय- दोपहर 03 बजे
चंद्रास्त- जनवरी 12 को सुबह 05 बजकर 52 मिनट पर
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वार - शनिवार
ऋतु - शिशिर
शुभ समय (Today Shubh Muhurat)
ब्रह्म मुहूर्त - प्रातः 05 बजकर 27 मिनट से 06 बजकर 21 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 05 बजकर 40 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त - दोपहर 12 बजकर 08 मिनट से दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक
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अशुभ समय
राहुकाल - सुबह 09 बजकर 52 मिनट से 11 बजकर 11 मिनट तक
गुलिक काल - सुबह 07 बजकर 15 मिनट से 08 बजकर 34 मिनट तक
दिशा शूल - पूर्व
नक्षत्र के लिए उत्तम ताराबल -अश्विनी, कृत्तिका, रोहिणी, मृगशिरा, आर्द्रा, पुष्य, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, हस्त, चित्रा, स्वाति, अनुराधा, मूल, उत्तराषाढ़ा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद
राशि के लिए उत्तम चन्द्रबलम - वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक, धनु, मीन
पूजा के दौरान करें इन मंत्रों का जप
ॐ नमः शिवाय॥
रूद्र मंत्र
ॐ नमो भगवते रूद्राय ।
रूद्र गायत्री मंत्र
ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय
धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
महामृत्युंजय मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
शिव प्रार्थना मंत्र
करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं श्रावण वाणंजं वा मानसंवापराधं ।
विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥
शिव नमस्कार मंत्र
शम्भवाय च मयोभवाय च नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च।।
ईशानः सर्वविध्यानामीश्वरः सर्वभूतानां ब्रम्हाधिपतिमहिर्बम्हणोधपतिर्बम्हा शिवो मे अस्तु सदाशिवोम।।
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