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आज का पंचांग 23 सितंबर 2026: वामन और भुवनेश्वरी जयंती पर बन रहे हैं शुभ योग, जानें पूजा का मुहूर्त, नक्षत्र और राहुकाल का समय

Published: Wed, 23 Sep 2026 06:30 AM (IST)

23 सितंबर 2026, बुधवार का पंचांग जिसमें शुभ-अशुभ मुहूर्त, तिथि, योग, करण और ग्रहों की स्थिति का विस्तृत विवरण दिया ...और पढ़ें

23 सितंबर 2026, बुधवार क पंचांग

23 सितंबर 2026, बुधवार क पंचांग

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आनंद सागर पाठक, एस्ट्रोपत्री। हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व है, जिसकी मदद से हम दिन भर के शुभ-अशुभ मुहूर्तों और ग्रहों की चाल का सटीक अनुमान लगा सकते हैं। 23 सितंबर 2026, बुधवार के दिन भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि रात 10 बजकर 50 मिनट तक और इसके बाद त्रयोदशी तिथि की शुरुआत हो जाएगी।

आज बुधवार का दिन देवताओं में प्रथम पूजनीय भगवान गणेश को समर्पित है। इसके अलावा आज वामन जयंती और भुवनेश्वरी जयंती भी मनाई जा रही है।

आइए जानते हैं आज की तिथि, शुभ-अशुभ योग, सूर्योदय, सूर्यास्त और राहुकाल (Aaj ka Panchang 23 September 2026) का समय समेत आदि जानकारी।

23 सितंबर 2026 का पंचांग

तिथि: शुक्ल पक्ष की द्वादशी – रात्रि 10 बजकर 50 मिनट तक, फिर त्रयोदशी तिथि

योग: सुकर्मा – शाम 04 बजकर 27 मिनट तक, फिर धृति

करण: बव – सुबह 10 बजकर 21 मिनट तक

करण: बालव – रात्रि 10 बजकर 50 मिनट तक, फिर कौलव

सूर्य और चंद्रमा की स्थिति

सूर्योदय का समय: सुबह 06 बजकर 10 मिनट

सूर्यास्त का समय: शाम 06 बजकर 17 मिनट

चंद्रोदय का समय: शाम 04 बजकर 26 मिनट

चंद्रास्त का समय: मध्यरात्रि बाद 03 बजकर 35 मिनट (24 सितंबर)

सूर्य और चंद्रमा की राशियां

सूर्य देव: कन्या राशि में स्थित हैं

चन्द्र देव: मकर राशि में (रात्रि 09:57 बजे तक), फिर कुंभ राशि में प्रवेश

आज के शुभ मुहूर्त

अभिजीत मुहूर्त: कोई नहीं

अमृत काल: रात्रि 11 बजकर 34 मिनट से मध्यरात्रि बाद 01 बजकर 15 मिनट (24 सितंबर) तक

आज के अशुभ समय

राहुकाल: दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से दोपहर 01 बजकर 44 मिनट तक

गुलिकाल: सुबह 10 बजकर 42 मिनट से दोपहर 12 बजकर 13 मिनट तक

यमगण्ड: सुबह 07 बजकर 41 मिनट से सुबह 09 बजकर 12 मिनट तक

आज का नक्षत्र

आज चंद्रदेव श्रवण नक्षत्र में (सुबह 09:09 बजे तक) और तत्पश्चात धनिष्ठा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे।

धनिष्ठा नक्षत्र: सुबह 09:09 बजे से प्रारंभ होकर पूरी रात्रि

स्थान: 23°20’ मकर राशि से 6°40’ कुंभ राशि तक

स्थान: 23°20’ मकर राशि से 6°40’ कुंभ राशि तक

नक्षत्र स्वामी: मंगलदेव

राशि स्वामी: शनिदेव

देवता: अष्ट वसु (भौतिक सुख-समृद्धि के देवता)

प्रतीक: ढोलक या बांसुरी

सामान्य विशेषताएं:स्वतंत्र विचारक, उपचारक (चिकित्सक), गंभीर, कभी-कभी अकेलापन पसंद करने वाले और सिद्धांतों के पक्के।

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यह दैनिक पंचांग Astropatri.com की तरफ से प्रस्तुत किया गया है। सुझाव या प्रतिक्रिया के लिए कृपया hello@astropatri.com पर संपर्क करें।