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    Garud Puran: घर में बेटियों का जन्म महज संयोग नहीं, गरुड़ पुराण में बताया गया है इसका रहस्य

    Updated: Sun, 11 Jan 2026 02:29 PM (IST)

    हिंदू धर्म के महत्वपूर्ण पुराणों में से एक 'गरुड़ पुराण' में जीवन, मृत्यु और जन्म के रहस्यों का गहरा वर्णन किया गया है। यह सनातन धर्म के मुख्य 18 बड़े ...और पढ़ें

    arud Puran Ki Baatein (AI Generated Image)

    arud Puran Ki Baatein (AI Generated Image)

    HighLights

    1. सबसे महत्वपूर्ण पुराणों में से एक है गरुण पुराण

    2. घर में बेटियों का जन्म होता है सौभाग्य की बात

    3. पुत्री को माना जाता है मां लक्ष्मी का रूप

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आपने यह बात तो सुनी ही होगी कि "भाग्य से बेटे और सौभाग्य से होती हैं बेटियां। गरुड़ पुराण के अनुसार, किसी भी घर में संतान का जन्म लेना केवल एक शारीरिक घटना नहीं मानी गई, बल्कि इसका संबंध आत्माओं के कर्मों और प्रारब्ध के मेल से होता है। गुरुण पुराण (Garud Puran) में यह भी बताया गया है कि ईश्वर किन घरों को बेटियों के जन्म के लिए चुनता है।

    क्या कहते हैं भगवान श्रीकृष्ण

    गरुड़ पुराण में वर्णित कथा के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के बीच संवाद चल रहा था। तब अर्जुन के मन में एक सवाल आया और उन्होंने श्रीकृष्ण से कहा कि हे माधव किसी माता-पिता के किन कर्मों से उन्हें कन्या रत्न की प्राप्ति होती है? इसका उत्तर देते हुए भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं कि अगर किसी के घर पुत्र का जन्म होता है, तो वह उसका भाग्य है, लेकिन अगर पुत्री का जन्म होता है, तो वह उसका सौभाग्य है। जहां सात्विकता और प्रेम का वास हो, उसी घर में पुत्री का जन्म होता है।

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    किसका प्रतीक है बेटी का जन्म

    गरुड़ पुराण के अनुसार, कहा गया है कि जिन माता-पिता के पूर्वजन्म के कर्म अच्छे होते हैं, केवल उन्हीं के घर में बेटियों का जन्म होता है। घर में बेटी का जन्म लेना मां लक्ष्मी के आगमन का प्रतीक है। ऐसे में पुत्री के जन्म से जीवन का अंधकार दूर होता है। बेटी स्वयं साक्षात् माता लक्ष्मी का रूप होती हैं, और अपने साथ घर में समृद्धि व खुशहाली लाती हैं।

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    ये लोग बनते हैं बेटी के माता-पिता

    गरुड़ पुराण में यह भी बताया गया है कि बेटियां केवल उसी घर में जन्म लेती हैं, जो माता-पिता उनका अच्छे से लालन-पालन कर सकें। इसका यह अर्थ नहीं है कि किसी गरीब परिवार में बेटी का जन्म नहीं होता। इसका अर्थ यह है कि जो माता-पिता अपनी पुत्री के लाड-प्यार से पाल सकें, केवल उन्हें ही ईश्वर पुत्री धन देते हैं। इसके लिए ज्यादा धन की आवश्यकता नहीं है।

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