अधिकमास 2026 घर में लगाएं ये शुभ पौधे, मिलेगी सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि!
अधिकमास (17 मई - 15 जून 2026) में धार्मिक और वास्तु के अनुसार कुछ पौधे लगाना शुभ माना जाता है, जो सकारात्मक ऊर्जा लाते हैं। ...और पढ़ें

अधिकमास में कौन-सा पौधा लगाना शुभ (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अधिकमास, जिसे 'पुरुषोत्तम मास' भी कहा जाता है, सनातन धर्म में पूजा, जप-तप, दान और आध्यात्मिक शुद्धि का महीना माना जाता है। 17 मई 2026 से अधिकमास की शुरुआत हो चुकी है, जो 15 जून 2026 तक रहेगा।
इस दौरान कुछ खास पौधे लगाने की परंपरा है, जिन्हें धार्मिक, वास्तु के नजरिए से सकारात्मक ऊर्जा से जोड़कर देखा जाता है। लेकिन यहां एक बात साफ समझने की जरूरत है कि, अधिकमास में पौधे लगाने से रातों रात किस्मत नहीं बदल जाती है, इस तरह की बातें शास्त्रों में भी नहीं लिखी है। आइए जानते हैं अधिकमास में कौन-कौन सा पौधा लगाना चाहिए?
तुलसी का पौधा
हिंदू धर्म में तुलसी का पौधा सबसे शुभ पौधों में शामिल है। पद्म पुराण और स्कंद पुराण जैसे धार्मिक ग्रंथों में तुलसी को भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी से जुड़ा पौधा माना जाता है। इसलिए अधिकमास में तुलसी का पौधा लगाना शुभ होता है।
वास्तु के अनुसार, तुलसी को हमेशा उत्तर, उत्तर-पूर्व या पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा और शांति का वातावरण रहता है।

शमी का पौधा
शमी का पौधा शनिदेव और भगवान शिव से जुड़ा माना जाता है। महाभारत में शमी के पेड़ का उल्लेख भी देखने को मिलता है। धार्मिक मान्यता है कि, शमी नेगेटिविटी और रुकावटों को कम करने वाला पौधा है।
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शमी के पौधे का संबंध न्याय के देवता शनिदेव और भगवान शिव से भी है। महाभारत में भी शमी वृक्ष का उल्लेख देखने को मिलता है। वास्तु और ज्योतिष के जानकारों की माने तो इसे हमेशा घर के मुख्य द्वार के पास या दक्षिण-पश्चिम दिशा में ही लगाना चाहिए।
केला का पौधा
अधिकमास भगवान विष्णु की उपासना के लिए शुभ माना जाता है। भगवान विष्णु को फलों में केला सबसे प्रिय माना गया है, इसलिए इस महीने में केले का पौधा लगाना शुभ रहता है।
कई धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में गुरुवार के दिन केले का पौधा लगाना अधिक शुभ माना जाता है। वास्तु के मुताबिक इसे उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना सही माना जाता है।
मनी प्लांट
मनी प्लांट को पूरी तरह से धार्मिक पौधा कहना गलत होगा, लेकिन वास्तु विशेषज्ञ इसे आर्थिक स्थिरता और हरियाली का प्रतीक मानते हैं। अधिकमास में घर की शुद्धि और पॉजिटिव एनर्जी के उद्देश्य से इसे लगाया जाता है।
पीपल का पौधा
भगवद्गीता और पुराणों में पीपल के पेड़ को काफी पवित्र माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि, इसमें भगवान विष्णु और देवतओं का वास होता है। अधिकमास में पीपल की सेवा, जल अर्पण और वृक्षरोपण को पुण्यकारी कहा गया है।
लेकिन एक गलती जिन्हें लोग अक्सर करते हैं कि, घर के अंदर पीपल का पे़ड़ लगा देते हैं। वास्तु और व्यवहारिक दोनों ही नजरिए से ऐसा करना अशुभ माना जाता है, क्योंकि इसी जड़ें काफी फैलती हैं। पीपल के पेड़ को हमेशा खुले स्थान या मंदिर परिसर में लगाना सही माना जाता है।
अधिकमास में क्या लगाना अशुभ
वास्तु शास्त्र में अधिकमास या सामान्य दिनों में भी कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस, सूखे पौधे या दूध निकलने वाले पौधों को घर के अंदर लगाना अशुभ माना जाता है। हालांकि यह पूरी तरह से धार्मिक विश्वास और वास्तु आधारित है, जिसका कोई वैज्ञानिक नियम नहीं है।
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