पुण्य कमाने के लिए उत्तम है अधिकमास, इन 3 कार्यों से खुलेंगे बंद किस्मत के ताले
अधिक मास में भले ही शादी-विवाह जैसे मांगलिक कार्य वर्जित होते हैं, लेकिन पूजा-पाठ और दान-पुण्य का व्यक्ति को कई गुना अधिक फल प्राप्त होता है। ...और पढ़ें

भगवान विष्णु की कृपा प्राप्ति के लिए उत्तम है अधिक मास (Picture Credit: Freepik) (AI Image)
HighLights
अधिक मास में श्रीमद्भगवद्गीता के पाठ से मिलते हैं शुभ फल
भगवान विष्णु के भोग में जरूर अर्पित करें तुलसी दल
अधिक मास में अपनी क्षमता के अनुसार करना चाहिए दान
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पुरुषोत्तम मास या मलमास कहलाने वाले अधिक मास को भगवान विष्णु की आराधना के लिए उत्तम माना गया है। इस माह में सभी प्रकार के मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं। ऐसे में कुछ खास उपाय द्वारा आप भगवान विष्णु के कृपा पात्र बन सकते हैं। आइए जानते हैं कि इस दौरान आपको किन कामों को करने व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है।
इन कार्यों से दूर होंगे कष्ट
अधिक मास को धर्म-कर्म के लिए सर्वोत्तम समय माना गया है। इस दौरान आप श्रीमद्भगवद्गीता, विष्णु सहस्त्रनाम और राम कथा का पाठ कर सकते हैं, जो बेहद फलदायी होता है। साथ ही इस पवित्र महीने में भगवान श्री कृष्ण और भगवान नरसिंह की कथाओं का पाठ करना या सुनना भी बेहत लाभकारी माना गया है। अधिक मास में आप रोज सुबह और शाम भगवान विष्णु के मंत्र 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' का 108 बार (एक माला) जप कर सकते हैं।
मिलेगी माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा
- अधिक मास में भगवान विष्णु की पूजा में उन्हें तुलसी दल जरूर अर्पित करें, क्योंकि इसके बिना उनकी पूजा अधूरी मानी जाती है।
- सनातन धर्म में तुलसी में माता लक्ष्मी का वास माना गया है। ऐसे में अधिक मास में रोजाना सुबह स्नान के बाद तांबे के पात्र (लोटे) से तुलसी में जल अर्पित करें।
- जल चढ़ाने के बाद तुलसी माता की परिक्रमा करें और धन प्राप्ति के लिए इस सिद्ध मंत्र का जप करें - "ऊँ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ऊँ महालक्ष्मी नमः"।
जरूर करें ये काम
मलमास में अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों को दान दें और सामाजिक व धार्मिक कार्यों में भाग लें। किसी मंदिर, पवित्र नदी या पीपल के पेड़ के नीचे दीपदान (दीपक जलाना) करें। पूरे माह में कम-से-कम एक बार किसी भी मंदिर में ध्वजा (झंडा) का दान जरूर करें। साथ ही इस माह में पौधे लगाने और असहाय लोगों की सेवा करने से भी व्यक्ति को पुण्य फलों की प्राप्ति होती है।
भूलकर भी न करें ये गलतियां
- अधिक मास की पवित्र अवधि में शारीरिक या मानसिक रूप से किसी को भी नुकसान न पहुंचाएं।
- अपशब्द बोलने, क्रोध करने, चोरी, झूठ बोलने और गलत कार्यों से पूरी तरह दूर रहें, वरना आपको भगवान विष्णु की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
- लड़ाई-झगड़े से दूर रहें और घर में शांति बनाए रखें। वरना माता लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं और व्यक्ति को धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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