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    अधिक मास 2026: क्या करें और क्या नहीं? इन गलतियों से रूठ सकते हैं भगवान विष्णु, जरूर रखें इन बातों का ध्यान

    Updated: Sun, 12 Apr 2026 12:32 PM (IST)

    अधिक मास, जिसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। यह भगवान विष्णु को समर्पित है। ...और पढ़ें

    Purushottam Maas 2026: पुण्य कमाने का महासंयोग! (Ai Generated Image)

    Purushottam Maas 2026: पुण्य कमाने का महासंयोग! (Ai Generated Image)

    HighLights

    1. साल 2026 में अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 14 जून तक रहेगा

    2. यह महीना भगवान विष्णु को समर्पित है

    3. मलमास के दौरान विवाह, मुंडन और जनेऊ जैसे शुभ काम वर्जित होते हैं

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार, जब सूर्य संक्रांति नहीं होती है, तो उस माह को अधिक मास, मलमास, पुरुषोत्तम मास के नामों से जाना जाता है। यह महीना भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस माह में किए गए जप, तप और दान का फल अन्य महीनों की तुलना में दस गुना अधिक मिलता है। हालांकि, इस दौरान (Adhik Maas 2026) कुछ खास नियमों का पालन करना चाहिए। आइए उनके बारे में जानते हैं।

    adhik mass

    Ai Generated Image

    अधिक माह कब से शुरू हो रहा है?

    वैदिक पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ का महीना अधिक मास होगा। इसकी शुरुआत 17 मई 2026, दिन रविवार से होगी। वहीं, इसका समापन 15 जून को होगा। कहते हैं कि अधिक मास के दौरान की गई पूजा का फल अन्य महीनों की तुलना में ज्यादा फलदायी होता है।

    अधिक माह में क्या करें? (What to Do)

    • इस पूरे महीने 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करें।
    • इस महीने विष्णु सहस्रनाम या पुरुष सूक्त का पाठ करना बेहद कल्याणकारी माना है।
    • इस महीने में क्षमता के अनुसार अनाज, जल, वस्त्र और दीपदान करें। खासतौर से कांसे के बर्तन में मालपुए रखकर दान करना बहुत शुभ माना जाता है।
    • हो पाए, तो किसी पवित्र नदी में स्नान करें। वरना घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें।
    • इस महीने में श्रीमद्भागवत कथा या गीता का पाठ करना सुनने या पढ़ने से जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है।

    भूलकर भी न करें ये काम (What Not to Do)

    • इस दौरान शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन, जनेऊ संस्कार और नए घर का निर्माण शुरू नहीं करना चाहिए।
    • इस महीने नया कारोबार शुरू करना या कोई सामान जैसे गाड़ी या प्लॉट खरीदने से भी बचना चाहिए।
    • इस महीने में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन वर्जित माना गया है।
    • इस दौरान किसी का अपमान करना, झूठ बोलना या वाद-विवाद में पड़ना पुण्य फलों को नष्ट कर सकता है।

    श्री हरि की पूजा

    अधिक मास का समय धार्मिक कामों के लिए विशेष माना जाता है। अगर आप इन दिनों संयम रखते हैं और वर्जित कामों से बचते हैं, तो भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। इस समय की गई छोटी सी पूजा भी आपकी बड़े संकटों से रक्षा करती है।

    पूजा मंत्र

    1. शांताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं,
    विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभांगम्।
    लक्ष्मीकांतं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं,
    वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
    2. ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्॥

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।

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