पूर्णिमा की रात दीपक के ये गुप्त उपाय बना सकते हैं आपको मालामाल, जानें सही विधि
वैशाख पूर्णिमा (Vaishakh Purnima 2026) का हिंदू धर्म में बड़ा महत्व है। इस दिन स्नान-दान से शुभ फल मिलते हैं। ...और पढ़ें

Vaishakh Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा के उपाय। (Ai Generate Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बेहद शुभ माना जाता है और जब यह वैशाख महीने में आती है, तो इसका धार्मिक महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इसे 'बुध पूर्णिमा' के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और पूजा-पाठ का विशेष विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन (Vaishakh Purnima 2026) देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। वहीं, इस दिन को लेकर कई सारे उपाय बताए गए हैं, जिन्हें करने से घर में स्थिर लक्ष्मी का वास होता है। ऐसे में आइए उन चमत्कारी उपाय को जानते हैं।
करें दीपक के ये खास उपाय (Vaishakh Purnima 2026)

(Ai Generate Image)
मुख्य द्वार
घर का मुख्य द्वार वह स्थान है, जहां से सकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। ऐसे में वैशाख पूर्णिमा की रात मुख्य द्वार के दोनों ओर घी के दीपक जलाएं। ऐसा करने से घर में शुभता का आगमन होता है। साथ ही परिवार में खुशहाली आती है।
तुलसी के पास
तुलसी को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है। इन्हें भगवान विष्णु की प्रिया और माता लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में वैशाख पूर्णिमा की रात तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जरूर जलाएं। इससे भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी दोनों की कृपा मिलती है और घर में सुख-शांति बनी रहती है।
रसोई घर
रसोई घर को अन्नपूर्णा देवी का स्थान माना जाता है। ऐसे में वैशाख पूर्णिमा की रात रसोई में चूल्हे के पास या पानी के बर्तन के पास एक दीपक जलाकर रखें। इससे मां अन्नपूर्णा खुश होती हैं और घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती है।
खबरें और भी
पानी का स्थान
घर में पानी के स्रोत जैसे पानी की टंकी, नल के पास या बालकनी में जहां आप पानी रखते हैं, वहां भी दीपक जरूर जलाएं। जल को धन का प्रतीक माना जाता है। इस स्थान को रोशन करने से घर में धन की स्थिरता बनी रहती है।
ध्यान रखें ये बातें
- दीपक जलाते समय मन पवित्र रखें।
- दीपक में शुद्ध घी या तिल के तेल का प्रयोग करें।
- तामसिक चीजों से परहेज करें।
यह भी पढ़ें: बुद्ध पूर्णिमा की तारीख को लेकर न हों कंफ्यूज! पढ़ें कब मनाया जाएगा महात्मा बुद्ध का जन्मोत्सव
यह भी पढ़ें: मेष संक्रांति 2026: सूर्य को अर्घ्य देने से बढ़ता है मान-सम्मान, लेकिन जल देते समय न करें ये एक गलती
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।