बुद्ध पूर्णिमा की तारीख को लेकर न हों कंफ्यूज! पढ़ें कब मनाया जाएगा महात्मा बुद्ध का जन्मोत्सव
बुद्ध पूर्णिमा पूजा-पाठ और दान के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। आइए इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं। ...और पढ़ें

Buddha Purnima 2026: वैशाख पूर्णिमा पर बन रहा है दुर्लभ संयोग। (Ai Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म और बौद्ध धर्म में वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इसी पावन तिथि को भगवान बुद्ध का जन्म हुआ था और उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और इसी दिन उनका महापरिनिर्वाण (मोक्ष) भी हुआ था। यही वजह है कि इसे 'बुद्ध पूर्णिमा' या 'बुद्ध जयंती' के रूप में मनाया जाता है। साल 2026 में बुद्ध पूर्णिमा (Buddha Purnima 2026) की तारीख को लेकर लोगों के बीच काफी कंफ्यूजन बनी हुई है कि यह 30 अप्रैल को है या 1 मई को, तो आइए इस आर्टिकल में जानते हैं।

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बुद्धि पूर्णिमा 2026 तिथि और समय (Budh Purnima 2026)
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अप्रैल 2026 की रात 09 बजकर 12 मिनट से होगी। वहीं, इसका समापन 1 मई 2026 की रात 10 बजकर 52 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए बुद्ध पूर्णिमा 1 मई 2026 को मनाई जाएगी।
बुद्धि पूर्णिमा 2026 शुभ योग (Budh Purnima 2026)
ब्रह्म मुहूर्त 04 बजकर 15 मिनट से 04 बजकर 58 मिनट तक रहेगा। अभिजित मुहूर्त सुबह 11 बजकर 52 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 31 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 55 मिनट से 07 बजकर मिनट तक रहेगा। अमृत काल शाम 06 बजकर 56 मिनट से 08 बजकर 41 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप स्नान और दान कर सकते हैं।
कैसे मनाएं बुद्ध पूर्णिमा?
इस दिन श्रद्धालु सुबह जल्दी उठकर पवित्र नदियों में स्नान करें। अगर ऐसा न हो पाए, तो घर पर ही पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें। इस दिन सफेद वस्त्र धारण करना और भगवान बुद्ध की प्रतिमा के सामने दीपक जलाकर उनके अष्टांगिक मार्ग पर चलने का संकल्प लेना चाहिए।
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दान और पुण्य का महत्व
वैशाख पूर्णिमा पर दान करने का फल 'अक्षय' होता है। इस दिन विशेष रूप से सत्तू, जल से भरे घड़े, मौसमी फल और अनाज का दान करना शुभ माना जाता है। इस दिन तामसिक चीजों से दूर रहना चाहिए और सात्विक नियमों का पालन करना चाहिए।
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