अक्षय तृतीया पर क्या करें और क्या नहीं? इन सरल नियमों से बदल सकती है आपकी किस्मत
अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2026) का समय बेहद शुभ और मंगलकारी माना जाता है। यह दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है। ...और पढ़ें

Akshaya Tritiya Dos and Donts: इस दिन क्या करना है शुभ और किन कामों से बचना है जरूरी? (Ai Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अबूझ मुहूर्त माना जाता है, जिसका मतलब है कि इस दिन किसी भी शुभ काम को करने के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं है। इस साल अक्षय तृतीया (Akshaya Tritiya 2026) 19 अप्रैल, 2026 को मनाई जाएगी। अक्षय का मतलब है जिसका कभी क्षय न हो, यानी इस दिन किए गए कामों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं।

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अक्षय तृतीया पर क्या करें? (Akshaya Tritiya 2026 Dos)
- इस दिन किया गया दान अक्षय पुण्य प्रदान करता है। ऐसे में इस दिन जल से भरे घड़े, सत्तू, खरबूजा, पंखा और छाता दान करें, क्योंकि गर्मी में इन चीजों को महादान माना गया है।
- अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना समृद्धि का प्रतीक है। अगर सोना खरीदना न हो पाए, तो चांदी या तांबे का कोई बर्तन भी घर लाया जा सकता है। माना जाता है कि इस दिन जो भी कीमती वस्तु घर आती है, वह स्थिर रहती है।
- अगर आप नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं, गृह प्रवेश की योजना बना रहे हैं या विवाह की सोच रहे हैं, तो यह दिन बेहद शुभ है। इस दिन शुरू किया गया काम सफलता की नई ऊंचाइयों को छूता है।
- इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की साथ पूजा करनी चाहिए। साथ ही, अपने पितरों का तर्पण करें। इससे घर की बाधाएं दूर होती हैं।
भूलकर भी न करें ये काम (Akshaya Tritiya 2026 Don'ts)
- अक्षय तृतीया पर न तो किसी को पैसा उधार दें और न ही किसी से उधार लें। माना जाता है कि इस दिन कर्ज लेने से व्यक्ति साल भर कर्ज की मुश्किलों से घिरा रहता है और उधार देने से घर की लक्ष्मी दूसरे के पास चली जाती है।
- मां लक्ष्मी वहीं वास करती हैं, जहां शांति हो। ऐसे में इस दिन घर में किसी भी तरह का वाद-विवाद, झगड़ा या अपशब्दों का प्रयोग न करें।
- अक्षय तृतीया एक पवित्र पर्व है। इसलिए इस दिन मांस, मदिरा, प्याज और लहसुन जैसे तामसिक चीजों का सेवन भूलकर भी करें।
- घर के किसी भी कोने में, खासकर मुख्य द्वार और पूजा घर में अंधेरा न रहने दें। घर की साफ-सफाई का ध्यान रखें, क्योंकि गंदगी दरिद्रता को बुलावा देती है।
मां लक्ष्मी पूजा मंत्र
- ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः ॥
- ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे, विष्णुपत्नी च धीमहि, तन्नो लक्ष्मीः प्रचोदयात्॥
- नमस्ते सर्वदेवानां वरदासि हरिप्रिये। या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां सा मे भूयात्त्वदर्चनात्॥
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