यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 21, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Annapurna Jayanti 2023: अन्नपूर्णा जयंती के दिन जरूर करें ये उपाय, नहीं होगी धन-धान्य की कोई कमी
Annapurna Jayanti 2023 Date हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी विश ...और पढ़ें

HighLights
- मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है अन्नपूर्णा जयंती
- माता पार्वती का ही एक स्वरूप हैं देवी अन्नपूर्णा।
- मां अन्नपूर्णा के आशीर्वाद से हमेशा भरे रहते हैं धन के भंडार।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। Annapurna Jayanti 2023 Upay: हिन्दू धर्म में माना गया है कि देवी अन्नपूर्णा संसार का भरण-पोषण करती हैं। यह मां पार्वती का ही एक स्वरूप हैं, जिनसे सम्पूर्ण विश्व का संचालन होता है। मां अन्नपूर्णा की पूजा इसलिए की जाती है ताकि साधक के अन्न के भंडार सदा भरे रहें। ऐसे में आप अन्नपूर्णा जयंती के दिन कुछ उपायों द्वारा मां अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
अन्नपूर्णा जयंती मुहूर्त (Shubh Muhurat)
मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि 26 दिसंबर 2023 को प्रातः 05 बजकर 46 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं, इसका समापन 27 दिसंबर को सुबह 06 बजकर 02 मिनट पर होगा। ऐसे में अन्नपूर्णा जयंती 26 दिसंबर, मंगलवार के दिन मनाई जाएगी।
बनी रहेगी देवी की कृपा
अन्नपूर्णा जयंती के विशेष दिन पर चूल्हे या फिर गैस स्टोव की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से घर में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होगी। साथ ही आपके और आपके परिवार के ऊपर मां अन्नपूर्णा का आशीर्वाद हमेशा बना रहेगा।
इन्हें खिलाएं रोटी
चूल्हे की पूजा के बाद बनाई गई पहली रोटी गाय दूसरी रोटी कुत्ते को और तीसरी रोटी कौए को खिलानी चाहिए। इसका वर्णन शास्त्रों में भी मिलता है। ऐसा करने से आपको विशेष लाभ मिल सकता है और मनोकामना भी पूरी हो सकती हैं।
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प्रसन्न होंगी मां अन्नपूर्णा
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन माता अन्नपूर्णा को केसर वाली खीर का भोग लगाना चाहिए। इसके बाद पूरे परिवार के साथ इस खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण करें। इसके साथ ही अन्नपूर्णा जयंती पर जरूरतमंद लोगों को अन्न का दान करें। ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में कभी अन्न की कमी नहीं होती।
मिलेगा शनि दोष से छुटकारा
अन्नपूर्णा जयंती के दिन काले तिल के लड्डू बनाएं और इन्हें शनि मंदिर में जाकर अर्पित कर दें। ऐसा करने से व्यक्ति को कुंडली में व्याप्त शनि दोष से छुटकारा मिल सकता है। साथ ही शनि देव की कृपा भी जातक पर बनी रहती है।
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