Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    Annapurna Jayanti 2025: 4 या 5 दिसंबर, कब है अन्नपूर्णा जयंती? जानें तिथि और शुभ मुहूर्त

    Updated: Sat, 29 Nov 2025 06:00 PM (IST)

    माता अन्नपूर्णा, देवी पार्वती का एक स्वरूप हैं और उन्हें अन्न व समृद्धि की देवी माना जाता है। अन्नपूर्णा जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा को मनाई जाती है। इस ...और पढ़ें

    Annapurna Jayanti 2025: अन्नपूर्णा जयंती डेट और टाइम।

    Annapurna Jayanti 2025: अन्नपूर्णा जयंती डेट और टाइम।

    HighLights

    1. माता अन्नपूर्णा को अन्न और समृद्धि की देवी माना जाता है।

    2. अन्नपूर्णा जयंती हर साल मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। 

    3. माता अन्नपूर्णा साक्षात देवी पार्वती का ही एक स्वरूप हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। माता अन्नपूर्णा को अन्न और समृद्धि की देवी माना जाता है। वह साक्षात देवी पार्वती का ही एक स्वरूप हैं, जिन्होंने पृथ्वी पर अन्न के संकट को दूर करने के लिए यह अवतार लिया था। अन्नपूर्णा जयंती हर साल मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। इस साल अन्नपूर्णा जयंती (Annapurna Jayanti 2025) की तिथि को लेकर लोगों के मन में थोड़ी कन्फ्यूजन है।

    puja-(19)(10)-(1)-1760349889693

    अन्नपूर्णा जयंती कब है? (Annapurna Jayanti 2025 Shubh Muhurat)

    वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष महीने की पूर्णिमा तिथि 04 दिसंबर को सुबह 4 बजकर 37 मिनट पर शुरू होगी। वहीं इस तिथि का समापन 05 दिसंबर को सुबह 04 बजकर 43 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए अन्नपूर्णा जयंती दिन गुरुवार, 04 दिसंबर को मनाई जाएगी।

    अन्नपूर्णा जयंती पूजा विधि (Annapurna Jayanti 2025 Puja Vidhi)

    • जयंती के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करें।
    • पूरे रसोईघर को अच्छी तरह साफ करें।
    • गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र करें।
    • रसोई में या पूजा स्थल पर एक लकड़ी की चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर माता अन्नपूर्णा की प्रतिमा स्थापित करें।
    • इस दिन चूल्हे, सिलबट्टे और घर में रखे अन्न की विधिवत पूजा करें।
    • उन्हें हल्दी, कुमकुम, अक्षत और फूल अर्पित करें।
    • इस दिन अन्न का अपमान गलती से भी न करें। साथ ही, गरीब और जरूरतमंद लोगों को अन्न दान जरूर करें। यह सबसे बड़ा पुण्य कर्म माना जाता है।

    भोग ( Bhog)

    माता अन्नपूर्णा को खीर और पुआ बहुत प्रिय है। इस दिन घर में शुद्ध भोजन, विशेष रूप से मिठाई भोग के रूप में अर्पित करना चाहिए।

    पूजन मंत्र (Puja Mantra)

    • ॐ ह्रीं श्रीं अन्नपूर्णायै नमः
    • ॐ सह नाववतु, सह नौ भुनक्तु, सह वीर्यं करवावहै ।
    • तेजस्वि नावधीतमस्तु मा विद्विषावहै ।। ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ।।
    • अन्नपूर्णे सदा पूर्णे शंकरप्राणवल्लभे। ज्ञान वैराग्य-सिद्ध्‌यर्थं भिक्षां देहिं च पार्वति॥

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें- Annapurna Jayanti 2025 Date: कब है अन्नपूर्णा जयंती? यहां नोट करें शुभ मुहूर्त और योग

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।