यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 15, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Ashadha Amavasya 2025: आषाढ़ अमावस्या के दिन इन स्थानों पर दीपक जलाने से मिलेगी सुख-समृद्धि, खुशियों से भर जाएगा घर
आषाढ़ अमावस्या (Ashadha Amavasya 2025) पितृ तर्पण और उनकी शांति के लिए महत्वपूर्ण है जो इस साल 25 जून को मनाई जाएगी। इस दिन कुछ खास जगहों पर दीपक जलान ...और पढ़ें

HighLights
- अमावस्या तिथि सनातन धर्म में बेहद महत्वपूर्ण मानी गई है।
- अमावस्या हर महीने आती है।
- अमावस्या पर पूजा और व्रत करने से पापों का नाश होता है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आषाढ़ महीने की अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इसे आषाढ़ी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन पितृ तर्पण और उनकी शांति के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल आषाढ़ अमावस्या 25 जून को मनाई जाएगी। वहीं, इस दिन (Ashadha Amavasya 2025) कुछ विशेष स्थानों पर दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, तो आइए उन स्थानों के बारे में जानते हैं।
आषाढ़ अमावस्या पर दीपक से करें ये उपाय (Do These Remedies With Lamp On Ashadh Amavasya)
.jpg)
घर के मुख्य द्वार पर - आषाढ़ अमावस्या की शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जरूर जलाएं। मुख्य द्वार पर दीपक जलाने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है। साथ ही इससे घर में सुख-समृद्धि और शांति बनी रहती है।
तुलसी के पौधे के पास - अगर आपके घर में तुलसी का पौधा है, तो आषाढ़ अमावस्या की शाम को उसके पास एक दीपक जरूर जलाएं। तुलसी को बहुत ही पूजनीय माना जाता है। कहते हैं कि तुलसी के पास दीपक जलाने से मां लक्ष्मी खुश होती हैं और घर में धन-धान्य की कमी नहीं होती है।
रसोई घर में - रसोई घर में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। ऐसे में आषाढ़ अमावस्या की रात में रसोई घर में एक दीपक जलाएं। इससे घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती है। साथ ही जीवन में समृद्धि और खुशहाली आती है।
खबरें और भी
पीपल के पेड़ के नीचे - अगर आपके घर के पास कोई पीपल का पेड़ है, तो आषाढ़ अमावस्या की शाम को उसके नीचे एक दीपक जरूर जलाएं। पीपल के पेड़ में ब्रह्मा जी, भगवान विष्णु और शिव जी का वास होता है। पीपल के नीचे दीपक जलाने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है और पितरों का आशीर्वाद मिलता है।
मंदिर के पास - आषाढ़ अमावस्या के दिन अपने घर के मंदिर में नौ छोटे दीपक जलाएं। ऐसा करने से देवी-देवताओं की कृपा मिलती है और घर में खुशियां और समृद्धि आती है।
जल स्थान पर - अगर आपके घर के आसपास कोई नदी, तालाब या कुआं है, तो वहां एक दीपक जरूर जलाएं। ऐसा करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। इसके साथ ही उनका आशीर्वाद मिलता है।
यह भी पढ़ें: Yogini Ekadashi 2025: क्यों मनाई जाती है योगिनी एकादशी? जानें व्रत का महत्व
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।