कलाई पर किस रंग का कलावा बांधना चाहिए? जानें ग्रहों से इसका संबंध और पहनने के नियम
कलाई पर बांधे जाने वाले कलावे के विभिन्न रंगों के ज्योतिषीय महत्व और ग्रहों से उनके संबंध को बताता है। इसमें कलावा पहनने के सही नियम और ऊर्जा संतुलन क ...और पढ़ें

अलग-अलग रंगों का कलावा और उनका महत्व (Picture Credit- AI Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में किसी भी धार्मिक आयोजन या मांगलिक कार्यक्रम के दौरान हाथ में कलावा बांधा जाता है। कलावा जिसे रक्षासूत्र भी कहते हैं, जो नकारात्मक ऊर्जा से बचाव भी करता है।
क्या आप जानते हैं कि, हाथों में पहनने वाला कलावाआपकी एनर्जी पर भी असर दिखाता है। गलत रंग और तरीके से कलावा पहनने से आपकी ऊर्जा असंतुलन भी हो सकती है, जिस वजह से आपको कई तनाव और आलस जैसे नकारात्मक ऊर्जा का सामना करना पड़ सकता है।
आइए जानते हैं कलाई पर किस रंग का कलावा पहनना चाहिए साथ ही इसका ग्रहों से क्या संबंध है?
लाल रंग का कलावा
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हाथ में लाल कलावा पहनने से बुरी नजर से बचाव के साथ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव भी बढ़ता है। लाल कलावा साहस, शक्ति प्रदान करने के साथ मंगल दोष से भी बचाता है। अक्सर लोग इन्हें हनुमान जी एवं मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भी पहनते हैं। अगर आपको अपने हाथ में लाल कलावा धारण करना हैं, तो इसे मंगलवार, नवरात्रि या हनुमान जयंती के दिन पहनें।
काला रंग का कलावा
कलाई में काले रंग का कलावा, काला जादू और बुरी नजर से बचाव करता है। अक्सर काला धाग बच्चों और बुजुर्गों के टखनों पर बांधा जाता है, ताकि उन्हें किसी की नजर न लगे। काला धागा बांधने के लिए शनिवार का दिन बेहद शुभ माना जाता है। जो भी लोग शनि दोष से गुजर रहे हैं, उन्हें अपने हाथों में काला धागा जरूर पहनना चाहिए।
पीले रंग का कलावा
जिन भी लोगों का बृहस्पति ग्रह कमजोर हैं, उन्हें पीले रंग का धागा जरूर पहनना चाहिए। इसे धारण करने से ज्ञान, बुद्धि और वाणी से जुड़ी समस्या धीरे-धीरे सही होने लगती है। कलाई में पीले रंग का धागा बांधने के लिए गुरुवार का दिन सबसे उपयुक्त माना जाता है।
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हरे रंग का कलावा
हरे रंग का कलावा बुध ग्रह से जुड़ा होता है, जिन भी लोगों को अपना बुध मजबूत करना है, उन्हें हरे रंग का धागा जरूर पहनना चाहिए। इसे धारण करने से संचार, बुद्धि और स्वास्थ्य से जुड़े क्षेत्र में लाभ मिलता है। हरे रंग का धागा बुधवार के दिन पहनना शुभ मान जाता है।
सफेद रंग का कलावा
सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र में सफेद रंग का कलावा पहनने से चंद्रमा और शुक्र ग्रह मजबूत होता है। जब इन दोनों ग्रहों की स्थिति मजबूत होती है, तो व्यक्ति को मानसिक शांति मिलने के साथ नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है।
कलाई पर कलावा बांधने के नियम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, किसी भी रंग का धागा पहनने से पहले उसे गंगाजल से शुद्ध जरूर करें। पुरुषों को दाहिनी और महिलाओं को बाईं कलाई पर कलावा बांधना चाहिए।
कलावे को हाथ में बांधते समय गायत्री मंत्र का जाप करें। हर 21 दिन के बाद पुराने धागे को बदलकर कलाई में नया धागा बांध लें। पुराने धागे को इधर-उधर फेंकने की बजाय पानी या पेड़ के नीचे दबा दें। इसके साथ ही किसी के साथ भी अपना पहना हुआ कलावा शेयर करने से बचें।
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