बहुत चमत्कारी है आटे का दीपक, हर मनोकामना होगी पूरी, बस 11 दिनों तक अपनाएं ये गुप्त उपाय
हिंदू धर्म में आटे का दीपक जलाना मनोकामना पूर्ति और शुभता के लिए बेहद प्रभावशाली माना गया है। ...और पढ़ें

आटे का दीपक से पूरी करें हर मनोकामना (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
हल्दी मिलाकर बनाना चाहिए आटे का दीपक
मनोकामना पूर्ति के लिए 11 दिनों तक जलाएं दीपक
आर्थिक संकट दूर कर घर में लाता है सुख-शांति
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में आटे का दीपक जलाना बेहद प्रभावशाली और शुभ माना गया है। ज्योतिष शास्त्र और मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई विशेष मन्नत पूरी करनी हो, तो साधारण मिट्टी के दीपक की जगह आप आटे का दीपक जला सकते हैं, जिससे अच्छे परिणाम मिलते हैं। आइए जानते हैं आटे का जलाने की सही विधि और नियम।
कैसे तैयार करें 'सिद्ध' दीपक?
- हल्दी सौभाग्य का प्रतीक है। ऐसे में शुद्ध गेहूं का आटा लेकर उसमें चुटकी भर हल्दी मिलाकर गूंथ लें।
- अपने हाथों से आटे को दीपक का सुंदर आकार दें।
- दीपक जलाने के लिए अपनी इच्छा के अनुसार शुद्ध घी या तिल के तेल का प्रयोग करें।
आटे का दीपक जलाने का विशेष नियम
अपनी मनोकामना सिद्धि के लिए आटे के दीपक जलाना आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है। इसके लिए पहले दिन 1 दीपक जलाएं, दूसरे दिन 2, और इसी तरह 11वें दिन तक दीपकों की संख्या 11 कर दें। 11 दिन पूरे होने के बाद, अगले दिन से संख्या घटाना शुरू करें (जैसे 10, 9, 8...) और इसे वापस 1 पर ले आएं। इस तरह आटे का दीपक जलाने से मनोकामना पूर्ति की संभावना बढ़ जाती है।

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आटे का दीपक जलाने के फायदे
- घर में पॉजिटिव एनर्जी और सुख-शांति का संचार होता है।
- यदि आप आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तो आटे के दीपक का उपाय आपके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
- परिवार के सदस्यों के बीच प्रेम बढ़ता है और आपसी विवाद सुलझते हैं।
मन्नत पूरी होने पर क्या करें?
यदि आपकी प्रार्थना स्वीकार हो जाती है, तो अंत में सभी दीयों को इकट्ठा करके किसी मंदिर में जाकर रख सकते हैं। अगर उपाय के बीच में ही आपकी मन्नत पूरी हो जाए, तब भी नियम को बीच में न छोड़ें। संकल्पित दिनों तक इसे पूरा करना जरूरी होता है। आटे के दीपक को गाय को खिलाया जा सकता है या फिर मिट्टी में दबाया जा सकता है।

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न करें ये गलती
- आटे का दीपक बनाने के लिए गुंथे हुए पुराने आटे का उपयोग न करें, हमेशा ताजे गुंथे आटे का ही इस्तेमाल करें।
- आटे का दीपक केवल एक बार ही जलाना चाहिए। एक बार जलने के बाद उसे दोबारा इस्तेमाल न करें।
- आटे का दीपक जलाने के बाद इसे सीधे कूड़ेदान में डालने की गलती न करें।
- आटे का दीपक जलाने के बाद उसे किसी सुरक्षित स्थान पर रखें, जहां उसे कोई जानवर न खाए।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।