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    वास्तु टिप्स: घर में टूटी झाड़ू रखना पड़ सकता है भारी, आर्थिक तंगी से बचने के लिए बदलें ये आदत

    Updated: Fri, 01 May 2026 12:00 PM (IST)

    वास्तु शास्त्र में झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। जानें क्यों टूटी झाड़ू का इस्तेमाल और उसे गलत जगह रखना आपके परिवार और धन के लिए नुकसानदायक ...और पढ़ें

    टूटी झाड़ू का इस्तेमाल क्यों न करें? (AI-Generated Image)

    टूटी झाड़ू का इस्तेमाल क्यों न करें? (AI-Generated Image)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वास्तु शास्त्र जीवन के हर पहलू को प्रभावित करता है, जिसमें घर की सफाई के उपकरण भी शामिल हैं। झाड़ू, जिसे हम अक्सर एक साधारण वस्तु समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, वास्तव में घर की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकालने और सकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

    सफाई और स्वच्छता सीधे तौर पर मां लक्ष्मी के आगमन का द्वार खोलती है। अक्सर लोग झाड़ू के घिस जाने या टूट जाने पर भी उसका इस्तेमाल करते रहते हैं। लेकिन, वास्तु विज्ञान के अनुसार, यह आदत आपके खुशहाल जीवन में अशांति, कंगाली और अनगिनत परेशानियां खड़ी कर सकती है। आइए जानते हैं झाड़ू से जुड़े उन महत्वपूर्ण वास्तु नियमों के बारे में, जिनका पालन हर घर में होना चाहिए।

    टूटी या घिसी झाड़ू का इस्तेमाल: कंगाली का संकेत

    अगर आप अपने घर या ऑफिस में टूटी हुई झाड़ू को जोड़-तोड़कर, धागे से बांधकर या किसी भी तरह इस्तेमाल में ले रहे हैं, तो वास्तु के नजरिए से यह एक गंभीर गलती है। टूटी हुई झाड़ू से सफाई करना एक बड़ा वास्तु दोष माना जाता है।

    • आपके आर्थिक जीवन पर सीधा असर पड़ता है, जिससे बेवजह के खर्चे बढ़ते हैं और संचित धन (पूंजी) कम होने लगता है।
    • यह परिवार के सदस्यों के बीच वैचारिक मतभेद और अशांति को बुलावा देता है, जिससे पारिवारिक जीवन का सुख नष्ट हो सकता है।
    • यह घर में नकारात्मक ऊर्जा को सक्रिय करता है, जिससे आपकी वर्तमान परेशानियां कम होने के बजाय और अधिक बढ़ सकती हैं और कार्यों में बाधाएं आ सकती हैं।
    • टूटी झाड़ू सांकेतिक रूप से 'टूटी हुई किस्मत' का प्रतिनिधित्व करती है।

    इसलिए, जैसे ही झाड़ू टूट जाए या बहुत अधिक घिस जाए, उसे सम्मानपूर्वक तुरंत बदल देना चाहिए। टूटी झाड़ू से सफाई जारी रखना मुश्किलों को दावत देने जैसा है।

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    झाड़ू का सम्मान और माता लक्ष्मी का प्रतीक

    वास्तु शास्त्र और हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, झाड़ू को साक्षात देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है क्योंकि यह दरिद्रता (गरीबी और गंदगी) को घर से बाहर निकालती है। इसलिए, झाड़ू के रखरखाव और सम्मान में इन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है:

    1. पैर न लगाएं: कभी भी, भूलकर भी झाड़ू को पैर नहीं लगाना चाहिए, न ही उसे लांघना चाहिए। ऐसा करना सीधे तौर पर माता लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। इस अपमान के कारण घर में गंभीर आर्थिक संकट आ सकते हैं, व्यापार में घाटा हो सकता है और घर की बरकत रुक सकती है। अगर गलती से पैर लग जाए, तो तुरंत झाड़ू को प्रणाम करके क्षमा मांगनी चाहिए।

    2. सही स्थान पर रखें (तिजोरी के पास न रखें): झाड़ू को रखने का स्थान भी वास्तु में बहुत मायने रखता है। झाड़ू को कभी भी उस अलमारी, अलमारी के पीछे या तिजोरी के पास नहीं रखना चाहिए जहां आप पैसे, गहने या अन्य कीमती सामान रखते हैं। धन के स्थान के पास झाड़ू रखने से धन की कमी होने लगती है, आर्थिक पक्ष कमजोर हो जाता है और धन का आगमन रुक सकता है।

    झाड़ू को हमेशा ऐसे स्थान पर रखें जहां वह बाहरी लोगों की नजर में न आए। साथ ही, झाड़ू को हमेशा लेटाकर (क्षैतिज रूप से) रखना चाहिए, खड़ी झाड़ू घर में कलह और अशांति का कारण बनती है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।