Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bada Mangal 2025: बजरंगबली ने क्यों चीरा अपना सीना, कराए थे प्रभु श्रीराम और मां सीता के दर्शन, पढ़ें कथा

    Updated: Tue, 27 May 2025 06:01 PM (IST)

    ज्येष्ठ माह के मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस अवसर पर भक्त राम जी और बजरंगबली की विधिपूर्वक पूजा-अर्चना करते हैं और विशे ...और पढ़ें

    Bada Mangal 2025: हनुमान जी की अद्भुत लीला
    Bada Mangal 2025: हनुमान जी की अद्भुत लीला

    HighLights

    1. ज्येष्ठ माह में बड़ा मंगल मनाया जाता है।
    2. इस दिन बजरंगबली की पूजा होती है।
    3. बड़ा मंगल व्रत करने से संकट दूर होते हैं।

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में ज्येष्ठ के महीने को अधिक महत्वपूर्ण माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, ज्येष्ठ माह के मंगलवार को पहली बार भगवान श्रीराम और हनुमान जी की मुलाकत हुई थी। इसलिए इस माह के मंगलवार को बड़ा मंगल (Bada Mangal 2025) और बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाता है। इस शुभ अवसर पर प्रभु श्रीराम और हनुमान जी की पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार, बड़े मंगल के दिन पूजा और व्रत करने से जीवन में आने वाले सभी संकट दूर होते हैं। हनुमान जी ने कई लीलाएं की हैं, जिनसे कई खास सीख मिलती हैं। क्या आप जानते हैं कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम के परम भक्त हनुमान जी ने सीना चीरकर भगवान श्रीराम और माता सीता के दर्शन क्यों कराए थे। अगर नहीं पता, तो आइए जानते हैं इसकी खास वजह के बारे में।

    मां सीता ने हनुमान जी को दी रत्न से जड़ी माला

    आपकी जानकारी के लिए बता बता दें कि हनुमान जी की इस लीला का वर्णन रामायण में किया गया है। जब वनवास के बाद भगवान राम का राज्याभिषेक हो रहा था, तो उसके बाद दरबार में उपस्थित लोगों को उपहार दिए गए। वहीं, हनुमान जी को मां सीता ने रत्न से जड़ी एक माला दी, लेकिन उस माला को हनुमान जी ने तोड़ दिया। ऐसा देख सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए।

    हनुमान जी के इस व्यवहार को लक्ष्मण जी ने राम जी का अपमान माना और बजरंगबली पर क्रोध आ गया। इसके बाद लक्ष्मण जी ने राम जी को बताया कि हनुमान जी ने माला को तोड़ दिया है। ऐसे में राम जी ने कहा कि इस बारे में हनुमान जी को ही पता है कि माला को क्यों तोड़ा है।

    खबरें और भी

    यह भी पढ़ें: Bada Mangal 2025: बड़े मंगल पर इस तरह जलाएं पंचमुखी दीपक, हर समस्या का निकलेगा

    हनुमान जी ने कराए राम जी और मां सीता के दर्शन

    माला के बारे में लक्ष्मण जी के पूछने पर प्रभु हनुमान जी ने कहा कि माला मेरे किसी काम की नहीं है। इसलिए मैंने माला को अमूल्य समझ कर तोड़ दिया और इस माला में कही भी राम नाम नहीं था। इसके बाद लक्ष्मण जी ने कहा कि जब तुम्हारे शरीर पर राम नाम नहीं है, तो शरीर को क्यों रखा है? इसका भी त्याग कर दो। इस बात को सुनकर हनुमान जी ने नाखूनों से चीरकर राम जी, मां सीता और लक्ष्मण जी के दर्शन सभी को कराए। ऐसा देख लक्ष्मण जी हैरान हो गए और उनसे माफी मांगी।

    यह भी पढ़ें: Bada Mangal 2025: बड़े मंगल के दिन किया गया ये पाठ, वैवाहिक जीवन की समस्याओं की करेगा काट

    डिसक्लेमर: 'इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।'