कांवड़ यात्रा में सबसे ज्यादा गूंजता है 'बम-बम भोले', क्या सच में भगवान शिव को प्रसन्न करने का माध्यम है?
कांवड़ यात्रा में 'बम-बम भोले' का जयकारा सबसे ज्यादा सुनाई देता है। जानिए इस दिव्य नारे का आध्यात्मिक अर्थ, महत्व और भगवान शिव से इसका संबंध। ...और पढ़ें

'बम-बम भोले' का महत्व । (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन शुरू हो चुके हैं और इसी के साथ कांवड़ यात्रा का भी आरंभ हो गया है। जगह-जगह 'बम-बम भोले' का जयघोष सुनाई दे रहा है। लेकिन आपने कभी विचार किया है कि आखिर कांवड़ यात्रा में या सामान्य रूप से भी हम 'बम-बम भोले' क्यों बोलते हैं? आखिर इसका क्या अर्थ , क्या इस जयघोष से भगवान शिव वाकई प्रसन्न हो जाते हैं।
इसकी विस्तृत जानकारी किसी भी पुराण या धार्मिक शास्त्रों में नहीं मिलती है, मगर ऋग्वेद (मंडल 2, सूक्त 33) और यजुर्वेद के श्री रुद्राध्याय में शिव जी के बीज मंत्रों में (वं) यानी कई स्थानों पर वम का प्रयोग मिला है। इस शब्द का अर्थ भगवान शिव के स्मरण, ध्यान और उनकी ऊर्जा से जुड़ा एक अत्यंत पवित्र और ऊर्जावान बीज मंत्र या उद्घोष माना गया है।
ऐसे में शिवभक्तों की इसे एक अभिव्यक्ति कहा गया है, जो कांवड़ यात्रा के समय उन्हें ऊर्जा देती है। वम-वम भोले की जगह वे लोग बोल बम-बम भोले बोल जाते हैं। इससे जुड़े और भी धार्मिक तथ्य हैं, चलिए उनके बारे में जानते हैं।
शिव पूजन में बम बम भोले क्यों कहते हैं ?
भगवान शिव को ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत माना गया है। उनकी पूजा में भी ढोल-नगाड़े बजते हैं, जिनकी थाप पर ऊर्जावान भक्तों के मुंह से 'बम-बम भोले' निकल आता है। मान्यता कि बम-बम भोले की ध्वनि भगवान शिव को अति प्रिय है। जब कोई पूजा के समय ताली बजाकर बम-बम भोले बोलता है, शिव जैसी ऊर्जा अपने अंदर महसूस करता है।
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'ॐ' का ही एक रूप है 'बम'
कई संत इसे 'ॐ' का सहज और लोक-सुलभ रूप मानते हैं, जिसे आम आदमी भी आसानी से बोलकर शिव कृपा पा सकता है। मान्यता यह भी है कि भगवान शिव को तेज शोर और ध्यान खींचने वाली ध्वनि बहुत पसंद है। बम-बम की आवाज से भी ऐसी ही ध्वनि निकलती है, जो शिव जी को प्रसन्न करती है।
भगवान शिव के आने का है उद्घोष
कांवड़ यात्रा में जब कांवड़िए बोल बम-बम भोले बोलते हुए चलते हैं, तो यह एक तरह का उद्घोष होता है कि अब अगले एक महीने के लिए भगवान शिव ही धरती के पालनहार हैं और अपने भक्तों के बीच उनका आगमन हो चुका है। बार-बार इसे दोहराते हुए जहां-जहां कांवड़िए जाते हैं, वहां-वहां लोगों को भगवान शिव की उपस्थिति महसूस होती है।
अतः बम-बम भोले को भी भगवान शिव का एक मंत्र कहा जा सकता है।
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