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    Basant Panchami 2026: 23 जनवरी को मनाई जाएगी वसंत पंचमी, पढे़ं क्यों खास है यह पर्व 

    Updated: Wed, 14 Jan 2026 05:20 PM (GMT+05:30)

    वसंत पंचमी का पर्व ज्ञान और कला की देवी सरस्वती को समर्पित है। इस दिन साधक विशेष रूप से मां सरस्वती की पूजा-अर्चना करते हैं और नए कार्यों की शुरुआत भी ...और पढ़ें

    वसंत पंचमी का महत्व (Picture Credit: Freepik)

    वसंत पंचमी का महत्व (Picture Credit: Freepik)

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। पंचांग के अनुसार, हर साल  माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर वसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन मुख्य रूप से ज्ञान, कला और संगीत अर्थात देवी सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। इस साल वसंत पंचमी शुक्रवार 23 जनवरी को मनाई जाएगी। चलिए जानते हैं वसंत पंचमी (Basant Panchami 2026 importance) पर्व का महत्व।

    वसंत पंचमी मनाने का कारण

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ब्रह्माजी ने सृष्टि में ध्वनि और ज्ञान भरने के लिए जब अपने कमंडल से जल छिड़का, तब हाथ में वीणा धारण किए हुए देवी सरस्वती प्रकट हुईं। इसलिए वसंत पंचमी को मां सरस्वती (Saraswati Puja traditions) के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है।  इसके साथ ही वसंत पंचमी, वसंत ऋतु के आगमन के प्रतीक के रूप में भी मनाई जाती है। वसंत ऋतु ठंड के बाद आने वाले सुहावना और ऊर्जावान मौसम है, जिसे 'ऋतुराज' यानी सभी ऋतुओं का राजा भी कहा जाता है।

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    (Picture Credit: Freepik)

    बसंत पंचमी का महत्व (Basant Panchami 2026 significance)

    धार्मिक मान्यता - धार्मिक मान्यता है कि वसंत पंचमी यानी ज्ञान, संगीत और कला की देवी सरस्वती के जन्मोत्सव से ही सृष्टि में ज्ञान का संचार हुआ था। इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहन, पीली चीजें अर्पित कर मां सरस्वती की पूजा करते हैं। इस दिन को शिक्षा, संगीत और कला आदि से जुड़े कार्यों की शुरुआत के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इतना ही नहीं, इस दिन बच्चों के लिए अक्षर लेखन और विद्या आरंभ करना भी बहुत ही शुभ माना गया है।

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    (Picture Credit: Freepik)

    अबूझ मुहूर्त - वसंत पंचमी (Basant Panchami festival meaning) एक अबूझ मुहूर्त भी है। अर्थात यह एक ऐसा दिन है जिसपर शुभ कार्य जैसे विवाह, गृह-प्रवेश आदि के लिए पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती। इसलिए इसे एक 'अबूझ मुहूर्त' कहा जाता है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।