Basant Panchami 2026: पीला ही नहीं ये रंग भी पहनना है जरूरी, जानें इसके पीछे का धार्मिक रहस्य
वसंत पंचमी पर पीले और सफेद रंगों का विशेष महत्व है। पीला रंग ज्ञान, बुद्धि और समृद्धि के ग्रह बृहस्पति का प्रतीक है, जो नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर ...और पढ़ें

वसंत पंचमी के दिन क्यों शुभ है ये रंग? (Image Source: AI-Generated)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आज 23 जनवरी 2026 को देश भर में वसंत पंचमी (Basant Panchami 2026) का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। ऋतुराज वसंत के आगमन और विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के इस महापर्व पर चारों ओर एक अलग ही रौनक दिखाई देती है। लेकिन, क्या आपने कभी गौर किया है कि इस दिन हर कोई पीले के साथ-साथ सफेद रंग के वस्त्रों का भी काफी महत्व होता है? आइए, जानते हैं कि ये दो रंग हमारे जीवन और भाग्य को कैसे प्रभावित करते हैं।
ऊर्जा और नई शुरुआत का प्रतीक होता है पीला रंग
वसंत पंचमी पर पीले रंग का सबसे अधिक महत्व है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, पीला रंग 'बृहस्पति' (गुरु) ग्रह का प्रतीक माना जाता है। जो ज्ञान, बुद्धि और सुख-सौभाग्य का कारक है। यही कारण है कि विद्यार्थी और बुद्धिजीवी इस दिन पीले वस्त्र धारण करते हैं ताकि उन्हें गुरु ग्रह की कृपा प्राप्त हो सके।
इसके अलावा, भारतीय कृषि परंपरा में यह समय सरसों की फसल के लहलहाने का होता है। चारों ओर खिली पीली सरसों इस बात का संकेत देती है कि प्रकृति अपना श्रृंगार कर रही है और नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। मनोवैज्ञानिक तौर पर भी पीला रंग उत्साह और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने वाला माना गया है।
सफेद रंग: सादगी और निर्मल बुद्धि की पहचान
जहां पीला रंग उत्साह का प्रतीक है, वहीं सफेद रंग शांति और पवित्रता को दर्शाता है। पौराणिक ग्रंथों में मां सरस्वती को 'श्वेतवसना' कहा गया है, जिसका अर्थ है सफेद वस्त्र धारण करने वाली। सफेद रंग इस बात का प्रतीक है कि ज्ञान प्राप्त करने के लिए मन का साफ और शांत होना अनिवार्य है।
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(Image Source: AI-Gene)
वास्तु शास्त्र क्या कहता है?
वास्तु शास्त्र और आध्यात्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफेद रंग हमारे भीतर के अहंकार को कम करता है और एकाग्रता को बढ़ाता है। यही वजह है कि कई लोग मां शारदे की पूजा के दौरान सफेद वस्त्र पहनना और उन्हें सफेद फूल अर्पित करना अधिक पसंद करते हैं। पूजा के दौरान भी इन रंगों का खास ध्यान रखा जाता है। मां सरस्वती को पीले फूल और सफेद चंदन अर्पित किया जाता है। साथ ही, भोग में केसरिया भात या पीली बूंदी का उपयोग किया जाता है, जो जीवन में मिठास और समृद्धि का संचार करता है।
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